गाडरवारा: अवैध शराब बिक्री के खिलाफ ग्रामीण एकजुट, प्रशासन से कार्रवाई की मांग.
Gadarwara’s Lilwani village faces illegal liquor sales despite prohibition. Villagers protest, file police complaints, and demand immediate administrative action against offenders.
Lilwani villagers in Gadarwara unite against illegal liquor trade, seeking strict action from authorities.
Gadarwara: Villagers Unite Against Illegal Liquor Sale, Demand Action from Administration.
Rajneesh Kumar Kaurav,Special Correspondent, Narsinghpur, MP Samwad.
Despite a village resolution banning alcohol sales, illegal liquor trade continues in Gadarwara’s Lilwani village. When villagers protested, they received threats. A formal complaint has been filed with the police, demanding strict action against the culprits. The community remains united against illegal liquor sales, urging immediate administrative intervention.
गाडरवारा। थाना पलोहाबड़ा अंतर्गत ग्राम लिलवानी में हाल ही में हुई ग्राम सभा बैठक में सरपंच, पंच और ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया था कि गांव में शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित होगी, और कोई भी व्यक्ति नशे की हालत में गांव में दिखाई नहीं देगा। इस निर्णय के बाद गांव का माहौल शांतिपूर्ण बना हुआ था।
लेकिन, रामबिलास ठाकुर नामक व्यक्ति ने इस नियम का उल्लंघन करते हुए शराब के नशे में गांवभर में गाली-गलौच और उत्पात मचाया। जब ग्रामीणों ने जांच की तो पता चला कि गांव में भूरा कौरव पिता परमलाल कौरव के द्वारा अवैध रूप से शराब बेची जा रही है।
इस घटना के बाद खेड़ापति मंदिर प्रांगण में एक ग्राम बैठक आयोजित की गई, जहां भूरा कौरव और रामबिलास ठाकुर को समझाने का प्रयास किया गया। लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हुए। इसी दौरान, भूरा प्रजापति नामक एक तीसरा व्यक्ति भी शराब पीकर बैठक में पहुंचा और सरपंच, पंच एवं ग्रामीणों को धमकी देने लगा। उसने चेतावनी दी कि यदि किसी ने शराबबंदी लागू करने या अवैध शराब की बिक्री की शिकायत की, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
घटना से आक्रोशित ग्रामीण तत्काल थाना पलोहाबड़ा पहुंचे और थाना प्रभारी, एसडीओपी तेंदूखेड़ा तथा पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर के नाम आवेदन देकर तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

