किसानों का गुस्सा फूटा, बिजली कटौती के खिलाफ विद्युत कार्यालय पर प्रदर्शन.
बिजली कटौती और कम वोल्टेज की समस्या से परेशान किसानों ने जौलखेड़ा में विद्युत कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।
जौलखेड़ा में बिजली कटौती के विरोध में किसानों ने सौंपा ज्ञापन
Farmers’ Anger Erupts, Protest at Electricity Office Against Power Cuts.
Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
अभियंता को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बिजली कटौती बंद नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी है।
तीन महीने से जारी है बिजली संकट
? किसानों ने बताया कि पिछले तीन महीनों से लगातार बिजली कटौती हो रही है।
? 10 घंटे की जगह केवल 5-6 घंटे ही बिजली मिलती है, जिसमें भी मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली बंद कर दी जाती है।
? लगातार बिजली कटौती से सिंचाई प्रभावित हो रही है और सूखे की स्थिति बन रही है।
किसान नेताओं का आरोप
? किसान संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष जगदीश दोड़के ने कहा कि सरकार 10 घंटे बिजली देने का दावा कर रही है, लेकिन किसान 8 घंटे भी बिजली नहीं पा रहे।
? तहसील अध्यक्ष कृपाल सिंह सिसोदिया ने कहा कि ठंड के तीन महीने किसानों के लिए सबसे कठिन होते हैं, ऐसे में उन्हें दिन में पर्याप्त बिजली मिलनी चाहिए।
? प्रदेश सचिव भागवत परिहार ने कहा कि बिजली कटौती के कारण किसानों को अमानवीय प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
धरने की चेतावनी
? किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि बिजली कटौती बंद नहीं हुई तो वे विद्युत कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना देंगे।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे किसान
इस अवसर पर हीरालाल कोड़ले, श्याम किशोर पाठेकर, मनोज पंवार, चैनसिंह सिसोदिया, मोहन महाजन, ओमप्रकाश पंवार, जुगल किशोर भावसार, राजेंद्र पवार, दिनेश कोड़ले, लल्लू चरपे, झुम्मक चिकाने, मुकेश बारंगे, रमेश पंवार, गजेंद्र, लोकेश, माणिकराव पवार आदि किसान उपस्थित रहे।
भागवत परिहार
कार्यालय सचिव, किसान संघर्ष समिति, मुलतापी