खेत के रास्ते पर बवाल: ट्रैक्टर रोका तो किसान को मिली जान से मारने की धमकी.
Dispute Over Farm Path: Farmer Threatened with Death for Stopping Tractor.
Sharad Dhaneshwar, Special Correspondent, Balaghat, MP Samwad.
A dispute erupted in Khongatola village, Balaghat, over the use of a farm path. When a farmer objected to a tractor passing through his field, he was abused and threatened with death. Based on his complaint, police registered a case under BNS sections and launched an investigation.
MP संवाद, बालाघाट, लालबर्रा। थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खोंगाटोला (मोहगांव) में खेत के रास्ते को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। यह विवाद तब बढ़ गया जब खेत में रोपा (धान का पौधा) लगा रहे एक किसान ने ट्रैक्टर को मेड़ से निकालने से रोका।
आरोप है कि ट्रैक्टर मालिक ने न केवल किसान को गालियां दीं, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित किसान की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, खोंगाटोला निवासी चुन्नीलाल नगपुरे ने थाना लालबर्रा में शिकायत दर्ज कराई कि 30 जून दोपहर 2 बजे, वह अपने बेटों के साथ खेत में रोपा लगा रहा था। तभी पड़ोसी टीकाराम नगपुरे ट्रैक्टर लेकर खेत की मेड़ की ओर आ गया।
चुन्नीलाल ने जब ट्रैक्टर के उस रास्ते से जाने पर आपत्ति जताई, तो टीकाराम आगबबूला हो गया। चुन्नीलाल का कहना है कि उसने शांतिपूर्वक कहा था कि ट्रैक्टर किसी और रास्ते से ले जाया जाए क्योंकि इससे रोपा खराब हो रहा है। लेकिन टीकाराम ने उसे अपशब्द कहते हुए धमकी दी – “मेरी मर्जी, मैं जहां से चाहूं ट्रैक्टर ले जाऊं, तू कौन होता है रोकने वाला? अगली बार रोका तो जान से खत्म कर दूंगा।”
घटना के दौरान मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों – चुन्नीलाल के बेटे सोमाजी नगपुरे और झिनी बाई नगपुरे ने भी पूरी बात की पुष्टि की। चुन्नीलाल ने बताया कि ट्रैक्टर से उसके खेत में काफी रोपा नष्ट हो गया, जिससे आर्थिक नुकसान हुआ।
लिखित शिकायत पर थाना लालबर्रा पुलिस ने आरोपी टीकाराम नगपुरे के खिलाफ BNS की धारा 296 (अवैध प्रवेश) और धारा 351(2) (धमकी देना और मारपीट का प्रयास) के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि खेती-किसानी के मौसम में ऐसे विवाद अक्सर होते हैं, लेकिन किसी भी विवाद का हल गाली-गलौच और धमकी नहीं हो सकता। ग्रामीणों ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
