एलोपैथी की आड़ में मौत का धंधा, नकली डॉक्टर पर मामला दर्ज.
Death Business in the Name of Allopathy, Fake Doctor Booked.
Special Correspondent, Indore, MP Samwad.
In Indore, a fake doctor treating patients without registration or medical degree has been booked after a patient’s death. Acting on a complaint and investigation, health officials confirmed the clinic was illegal. An FIR was registered under MP Medical Education and Science Acts against the accused.
MP संवाद, इंदौर में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। एक फर्जी डॉक्टर द्वारा बिना पंजीयन और वैधानिक डिग्री के मरीजों का इलाज किया जा रहा था। इलाज के दौरान एक मरीज की मौत हो जाने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ और आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
जन सुनवाई से खुला बड़ा घोटाला
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि स्थानीय निवासी आरती पलवार ने जन सुनवाई में शिकायत दर्ज की थी। आरोप था कि उनके पति श्याम पलवार (आयु 41 वर्ष) की 22 मई 2024 को कथित फर्जी डॉक्टर प्रदीप पटेल के इलाज के बाद मौत हो गई।
बिना पंजीयन और डिग्री चला रहा था क्लीनिक
जांच में पाया गया कि हवा बंगला क्षेत्र में स्थित पटेल मेडिकल एंड क्लीनिक पूरी तरह अवैध था। वहां न तो किसी प्रकार का पंजीयन था और न ही प्रदीप पटेल के पास एलोपैथी उपचार करने की कोई मान्यता प्राप्त डिग्री। वह एक मेडिकल स्टोर के साथ क्लीनिक चलाकर फार्मेसी और इलेक्ट्रो-होम्योपैथी की डिग्रियों के सहारे एलोपैथिक इलाज कर रहा था।
स्वास्थ्य विभाग ने की सख्त कार्रवाई
सीएमएचओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम 1987 और चिकित्सा शिक्षा संस्था (नियंत्रण) अधिनियम 1973 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग ने साफ कहा है कि बिना वैधानिक डिग्री एलोपैथिक इलाज करना गंभीर अपराध है और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।