मिशन अस्पताल में मौत का मिशन: नकली कैथ लैब का खुलासा.
Visual from Damoh’s Mission Hospital where a fake cath lab scam involving patient deaths and forged documents has been exposed.
Mission Hospital Damoh under fire after fake cath lab exposed; multiple deaths raise questions on health system integrity
Mission Hospital’s Death Mission: Exposure of Fake Cath Lab.
Sone Singh Thakur, Special Correspondent, Damoh, MP Samwad.
“A massive scam has been uncovered at Mission Hospital in Damoh, involving a fake cath lab, leading to multiple patient deaths and fraudulent treatments. Police are investigating hospital management for malpractice, sparking concerns about health sector corruption.”
“दमोह के मिशन अस्पताल में नकली कैथ लैब का बड़ा घोटाला उजागर हुआ है, जिसमें कई मरीजों की मौत और धोखाधड़ी वाले इलाज की घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जांच कर रही है, स्वास्थ्य क्षेत्र में भ्रष्टाचार को लेकर चिंता बढ़ी है।”
MP संवाद, दमोह। दमोह के मिशन अस्पताल में फर्जी कार्डियोलॉजी यूनिट (कैथ लैब) संचालन का बड़ा घोटाला सामने आया है। जहां फर्जी डॉक्टरों द्वारा सैकड़ों मरीजों का इलाज किया गया और कम से कम 7 मरीजों की मौत हो गई। इस मामले में मंगलवार को पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है।
घोटाले के मुख्य बिंदु:
- जबलपुर के प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अखिलेश दुबे के फर्जी हस्ताक्षर से कैथ लैब का रजिस्ट्रेशन कराया गया
- फर्जी डॉक्टरों ने सैकड़ों एंजियोग्राफी और दर्जनों एंएंजियोप्लास्टी की.
- 7 मरीजों की मौत के बाद मामला उजागर हुआ
बड़ा सवाल:
आयुष्मान भारत योजना के तहत इस फर्जी लैब को मान्यता कैसे मिली? स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि कोई भी अधिकारी इस मामले पर बयान देने से बच रहा है। MP संवाद की लगातार सीएमएचओ ओर DHO डॉ विक्रांत से संपर्क करने की कोशिश कर रही है पर असफल रही.
पुलिस कार्रवाई:
दमोह पुलिस ने अस्पताल के 9 प्रबंधकों और कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और मध्यप्रदेश उपचार गृह अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों में अशीम न्यूटन, फ्रैंक हैरीशन समेत अन्य शामिल हैं।
विशेषज्ञों की राय:
स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. राजेश मालवीय का कहना है कि “यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार को उजागर करता है। ऐसे फर्जी मेडिकल यूनिट्स पर तुरंत प्रतिबंध लगना चाहिए।”
आगे की कार्रवाई:
पुलिस ने बताया कि मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने भी एक जांच समिति गठित की है जो इस मामले की गहन जांच करेगी.
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