पेड़ बचाने की जंग: डिंडोरी में वन विभाग की बड़ी जीत, नीलगिरी तस्कर पकड़ाए.
Seized trucks with eucalyptus logs in Dindori under forest department’s anti-smuggling drive
Forest department intercepts illegal eucalyptus wood transport in Dindori, four trucks seized amid crackdown
Dindori Forest Dept Scores Major Win: Eucalyptus Smugglers Nabbed in Tree Protection Battle.
Special Correspondent, Dindori, MP Samwad.
डिंडोरी में फिर उजागर हुई नीलगिरी तस्करी! वन विभाग ने चार ट्रकों की लकड़ी जब्त की, माफिया में मचा हड़कंप। अंतर्राज्यीय गिरोहों की संलिप्तता की आशंका। स्थानीयों ने वनकर्मियों पर मिलीभगत के लगाए आरोप। कार्रवाई ने चौकसी की पोल खोली।
Eucalyptus smuggling resurfaces in Dindori! Forest department seizes four trucks loaded with illegal timber, triggering panic among the mafia. Inter-state gangs suspected. Locals question forest staff’s integrity, hinting at internal collusion. The crackdown signals tough action but exposes deeper loopholes in local vigilance.
MP संवाद, डिंडोरी। जिले में एक बार फिर नीलगिरी की लकड़ी की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। वन विभाग ने बीते 24 घंटों में ऐसी कार्रवाई की कि तस्करों के होश उड़ गए। चार ट्रकों के साथ ही तस्करी का पूरा नेटवर्क उजागर हो गया है।
रातोंरात हुई कार्रवाई
डीएफओ पुनीत सोनकर को गोपनीय सूचना मिली कि बिना कागजात के नीलगिरी की लकड़ी ले जाने वाले ट्रकों का काफिला जिले से गुजरने वाला है। तुरंत दल-बल के साथ वन विभाग की टीम ने समनापुर और गाड़ासरई क्षेत्र में छापा मारकर चार ट्रकों को जब्त कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, यह लकड़ी पड़ोसी राज्यों में भेजी जानी थी।
बड़ा सवाल: क्या वनकर्मी हैं मिलीभगत?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना अंदरूनी सहयोग के इतनी बड़ी तस्करी असंभव है। वन विभाग के कुछ कर्मचारियों पर भी संदेह जताया जा रहा है। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले में किसी को भी नहीं बख्शने की चेतावनी दी है।
क्या है नीलगिरी का खेल?
- नीलगिरी की लकड़ी फर्नीचर और कागज उद्योग में महंगे दामों पर बिकती है
- मध्य प्रदेश के जंगलों में इसकी अवैध कटाई लंबे समय से चल रही है
- तस्कर अक्सर नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हैं