दमोह में गरजा शिक्षक संघ – ई-अटेंडेंस का बहिष्कार शुरू.
Teachers’ Union Roars in Damoh – Boycott of E-Attendance Begins.
Special Correspondent, Damoh, MP Samwad.
Teachers in Damoh held a Swabhiman Rally against e-attendance and submitted a memorandum to the Chief Minister. They warned of a massive protest in Bhopal if orders aren’t withdrawn. Teachers will wear black bands and boycott e-attendance in schools.
MP संवाद, दमोह: प्रदेशभर में शिक्षक स्वाभिमान रैली एवं ज्ञापन सौंपने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में दमोह ज़िले में भी सभी विकासखंडों से आए शिक्षकों ने एक विशाल रैली निकाली और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा।
ज्ञापन में शिक्षकों ने कई प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें ई-अटेंडेंस का विरोध, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, पदोन्नति एवं लंबित क्रमोन्नति आदेशों की तत्काल जारी करने की मांग शामिल थी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अन्य विभागों की तरह शनिवार को अवकाश, शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति, कैशलेस मेडिकल सुविधा, अनुकंपा नियुक्ति की सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति से करने, IFMS पोर्टल पर वास्तविक नियुक्ति दिनांक अपडेट करने और वरिष्ठता उसी दिनांक से देने की मांग की।
मंच से सभी शिक्षकों से आवाहन किया गया कि वे अगले दिन से विद्यालयों में काली पट्टी बांधकर अध्यापन करें और ई-अटेंडेंस का विरोध करें। शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि वे बच्चों को ईमानदारी से पढ़ाएंगे, समय पर विद्यालय पहुंचेंगे, लेकिन ई-अटेंडेंस नहीं लगाएंगे क्योंकि यह उनके स्वाभिमान से जुड़ा मामला है।
ज्ञापन में यह भी बताया गया कि मध्यप्रदेश के किसी अन्य जिले में ई-अटेंडेंस का आदेश पारित नहीं हुआ है, जबकि दमोह में जिला शिक्षा अधिकारी ने ऐसा आदेश ग्रुप के माध्यम से जारी किया, जिससे शिक्षक वर्ग में भारी आक्रोश व्याप्त है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शासन ने यह आदेश वापस नहीं लिया, तो आगामी दिनों में भोपाल में विशाल आंदोलन किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर के तीन लाख शिक्षक, कर्मचारी और संगठन भाग लेंगे।
इस कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष मुकेश सराफ, कार्यकारी अध्यक्ष अभय भट्ट, उपाध्यक्ष सुनील सोनी, प्रांतीय अध्यक्ष मनोहर दुबे, सुरेंद्र चौबे, महेंद्र दीक्षित, आलोक सोनवलकर, एमएल सरिया, अमित सिंह, रोशन नायक, मोहन आदर्श, राकेश हजारी, सत्यनारायण तिवारी, प्रवीण तिवारी सहित हज़ारों शिक्षक साथी शामिल हुए।