पुलिस और आबकारी विभाग मूक, माफिया चतुर! दमोह पुलिस का ‘नशे से दूरी’ सिर्फ नारा.
Police and Excise Silent, Mafia Smart! In Damoh, ‘Stay Away from Drugs’ is Just a Slogan for the Police.
Special Correspondent, Damoh, MP Samwad.
Despite CM Mohan Yadav’s powerful anti-drug message, illegal liquor trade continues unchecked in Damoh. Police and excise departments remain inactive, while local organizations catch the culprits. The “Nasha Mukti Abhiyan” seems only a slogan when authorities turn a blind eye. Public trust in enforcement agencies is eroding fast.
MP संवाद, दमोह पटेरा ब्लॉक, कुम्हारी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नशा एक सामाजिक बुराई है, जो युवाओं, परिवारों और पूरे समाज की जड़ों को खोखला कर रही है। नशे की लत में आकर कई परिवार तबाह हो जाते हैं। नशा नाश की जड़ है, जो न केवल स्वास्थ्य को खराब करता है, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी छिन्न-भिन्न कर देता है।
मुख्यमंत्री ने यह विचार प्रदेश में 30 जुलाई तक चलने वाले “नशे से दूरी है जरूरी” नशा मुक्ति अभियान के शुभारंभ अवसर पर वीडियो संदेश के माध्यम से व्यक्त किए।
अभियान की जमीनी हकीकत कुछ और!
सरकार भले ही नशा मुक्ति अभियान चला रही हो, लेकिन ज़मीनी स्तर पर पुलिस और आबकारी विभाग की लापरवाही इस अभियान की धज्जियाँ उड़ा रही है।
कुम्हारी थाना अंतर्गत भगवती मानव कल्याण संगठन के कार्यकर्ताओं ने पड़री के पास दो शराब माफियाओं से एक पेटी अवैध शराब पकड़ी। माफिया मौके से शराब छोड़कर भाग निकले।
इस मामले में पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या पुलिस इस कथित संरक्षण और अवैध कारोबार पर कोई ठोस कार्रवाई करेगी, या यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा?
