फसलों में लगा रोग, किसानों की चिंता बढ़ी, शूरू हुआ महंगी दवाओं का खेल.
Crop diseases are increasingly worrying farmers, as they face the financial burden of expensive pesticides, threatening both their livelihoods and agricultural productivity.
Farmers struggle with crop diseases and the rising cost of pesticides, impacting their livelihoods and productivity
Disease in crops increases farmers’ worries, paving the way for the expensive pesticide game.
Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
कटनी।फसल को बचाने के लिए किसानों ने दवाओं का छिड़काव शुरू कर दिया है। साथ ही उगरा रोग भी चना, मसूर में लग रहा है, जिससे फसल सूख रही है। चना की फसल को इल्ली चट कर रही है। कड़ाके की ठंड पडने के बाद भी इल्ली पर असर नहीं हो रहा है, इसलिए किसान बाजार से दवाएं खरीदकर छिड़काव कर रहे हैं। कृषि विभाग में कीटनाशक दवा न आने से किसान बाजार से ही महंगे दामों पर दवा खरीदते हैं और दुकानदार के बताए अनुसार छिड़काव कर देते हैं, जिससे कई बार इल्ली पर असर नहीं होता है। वहीं, मसूर और चना की फसल में उगरा रोग भी लग रहा है, जिससे फसल सूख रही है, इसकी रोकथाम के लिए किसानों के पास कोई उपाय भी नहीं है। किसान रामसुजान जायसवाल, प्रमोद कुशवाहा, धीरेन्द्र लोधी, जागेश्वर कुशवाहा ने बताया कि चना फसल में इल्ली का प्रकोप बढ़ रहा है। रात के समय कड़ाके की ठंड भी पड़ रही है, लेकिन उससे भी इल्ली कम नहीं हो
रीठी क्षेत्र में भी यही हाल
बाजार में कीटनाशक दवाओं की दुकानें सज गई हैं और किसानों को गुमराह कर महंगे दामों पर दवाएं बेची जा रही हैं, जिससे कई बार फसल तक खराब हो जाती है। इस ओर कृषि विभाग के अधिकारी भी ध्यान नहीं देते हैं!
इस संबंध मैं बहोरीबंद कृषि विभाग के वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी आर के चतुर्वेदी ने बताया कि फसलों को कीटों से बचाने के लिए किसान दवाओं का छिड़काव करें, लेकिन कृषि विभाग से दवाओं और किस मात्रा में इसका उपयोग करना है जानकारी जरूर लें। दवाओं की मात्रा ज्यादा होने पर फसल को नुकसान हो सकता है।