स्वास्थ्य सेवाएं ठप करने की चेतावनी, संविदा कर्मियों ने सरकार को दी 7 दिन की मोहलत.
Indefinite strike by MP’s contract health workers demanding justice in Contract Policy 2025.
Health workers in Madhya Pradesh announce indefinite strike from April 22 against Contract Policy 2025.
Warning to Disrupt Health Services: Contract Workers Give Government a 7-Day Ultimatum
Kamlesh, Editor Desk, Bhopal, MP Samwad.
मध्यप्रदेश के संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने 22 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। संविदा नीति 2025 में उपेक्षा और पूर्व वादों की अनदेखी पर नाराज़ कर्मियों ने सरकार को 7 दिन की मोहलत दी है। हड़ताल से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने की चेतावनी दी गई है।
Contract healthcare workers across Madhya Pradesh have announced an indefinite strike from April 22, citing betrayal in the new Contract Policy 2025. They demand recognition of long service, fair treatment, and the implementation of previous promises. They’ve given the government a 7-day ultimatum before halting state health services.
MP संवाद, भोपाल, प्रदेश के विभिन्न अस्पतालों में संविदा पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों ने 22 अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरने पर जाने की घोषणा की है। बुधवार को छिंदवाड़ा कलेक्टर शीलेंद्र सिंह को सौंपे गए ज्ञापन में संविदा कर्मचारी संघ ने सरकार पर संविदा नीति 2025 में कर्मचारियों की उपेक्षा का गंभीर आरोप लगाया।
संघ का कहना है कि संविदा नीति 2025 में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई घोषणाओं को भी नजरअंदाज किया गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि यह नीति उनके हितों के विपरीत है और उन्हें स्थायित्व व समान अधिकारों से वंचित कर रही है।
संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र यदुवंशी ने बताया कि पिछले 20 वर्षों से एनएचएम (NHM) के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारी प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार सुचारू रूप से संचालित कर रहे हैं। कोविड महामारी के दौरान भी इन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना सेवाएं दीं, लेकिन फिर भी उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 7 दिनों में सरकार द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होगी। इससे स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने साफ किया है कि वे अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे, और यदि जरूरत पड़ी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल जैसे कठोर कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।