हिरासत में मौत पर सख्ती: CBI की छापेमारी, MP पुलिस पर पक्षपात का आरोप.
Tough Stand on Custodial Death: CBI Raids, MP Police Accused of Bias.
Source “The Indian Express” Edited by MP Samwad.
CBI arrested a Madhya Pradesh police sub-inspector in connection with the custodial death of Deva Pardhi, a denotified tribal youth. The Supreme Court had slammed MP Police for protecting its officers and transferred the case to CBI, citing biased investigation. Two other policemen are still absconding.
MP संवाद, गुना, मध्य प्रदेश – केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पिछले साल जुलाई में एक विमुक्त जनजाति के युवक की कथित हिरासत में मौत के मामले में मध्य प्रदेश पुलिस के सब-इंस्पेक्टर देवराज सिंह परिहार को गिरफ्तार किया है। साथ ही, दो अन्य पुलिसकर्मियों की तलाश में CBI की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
यह गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी और आदेश के बाद हुई है। 30 अप्रैल 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा अब तक कोई गिरफ्तारी न करने पर कड़ी नाराज़गी जताई थी। अदालत ने इसे “पक्षपातपूर्ण कार्यवाही” करार देते हुए कहा था कि राज्य पुलिस अपने ही अधिकारियों को बचा रही है।
15 मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला मध्य प्रदेश पुलिस से हटाकर CBI को सौंप दिया था। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी दर्ज किया था कि राज्य पुलिस ने “शुरू से ही जांच को प्रभावित किया है।”
सूत्रों के अनुसार, देवराज सिंह परिहार को बुधवार रात गिरफ्तार किया गया। CBI को उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले और यह भी पाया गया कि वह पूछताछ के दौरान लगातार अपना बयान बदल रहा था। CBI को दो अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी मिल चुका है, जो इस समय फरार हैं।
कोर्ट के आदेश में कहा गया कि “यह साफ अनुमान लगाया गया है कि स्थानीय पुलिस की जांच निष्पक्ष नहीं थी, और अगर यह जांच राज्य पुलिस के हाथों में ही रही, तो आरोपियों द्वारा दबाव डालने और अपने साथी कर्मियों को बचाने की पूरी संभावना थी।”
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने 13 जुलाई 2024 को हिरासत में मारे गए देवा पारधी के चाचा गंगाराम पारधी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान उन्हें उच्च न्यायालय में जमानत की याचिका दाखिल करने की स्वतंत्रता दी।
देवा पारधी, उम्र 25 वर्ष, अपनी बारात की तैयारियों में जुटा था, तभी उसे और उसके चाचा को चोरी के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। उसी रात पुलिस ने परिवार को बताया कि देवा की मौत हो गई है। पुलिस ने इसे दिल का दौरा बताया, लेकिन परिवार ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया।