सिस्टम को चुनौती देती खबर: BMO के खिलाफ जांच की मांग, MP SAMWAD ने किया एक्सपोज.
MP SAMWAD’s bombshell report forces health dept to act against abusive BMO. #MPScandal
Controversy Erupts: BMO Dr. T.S. Meena faces backlash after viral abuse video exposed by MP SAMWAD.
News that challenges the system: Demand for probe against BMO, MP SAMWAD exposes scandal.
Editor Desk, Bhopal, MP Samwad.
MP SAMWAD के एक्सपोज ने झकझोरा स्वास्थ्य विभाग! BMO टी.एस. मीणा पर महिला कर्मचारी को गाली देने के आरोप। वायरल ऑडियो-वीडियो के बाद CMHO ने जारी किया नोटिस। CHC स्टाफ ने की ट्रांसफर व जांच की मांग।
भोपाल/विदिशा। मध्यप्रदेश के ग्यारसपुर में खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) डॉ. टी.एस. मीणा द्वारा एक महिला स्वास्थ्य कर्मचारी के साथ की गई गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार की खबर ने पूरे स्वास्थ विभाग में तहलका मचा दिया है। MP SAMWAD द्वारा इस मामले को उजागर करने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और डॉ. मीणा के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
वीडियो वायरल, विभाग ने लिया संज्ञान
MP SAMWAD पर प्रकाशित खबर में डॉ. मीणा द्वारा महिला कर्मचारी को अपमानित करने वाली ऑडियो क्लिप्स सामने आई थीं, जिसके बाद मामला सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। खबर के प्रकाशित होते ही प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पुनीत माहेश्वरी ने तत्परता दिखाते हुए डॉ. मीणा को मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1965 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया।


नोटिस में स्पष्ट कहा गया है—
“आपके इस व्यवहार से विभाग की छवि धूमिल हुई है, जो एक शासकीय अधिकारी के लिए बिल्कुल अस्वीकार्य है। यदि 3 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
CHC स्टाफ ने कलेक्टर को लिखा पत्र, मांगा सख्त एक्शन
इसी मामले में 16 अप्रैल को ग्यारसपुर CHC के समस्त स्टाफ और बी.सी.एम. ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर डॉ. मीणा के खिलाफ विभागीय जांच, कानूनी कार्रवाई और तत्काल ट्रांसफर की मांग की है। स्टाफ का आरोप है कि डॉ. मीणा का रवैया न केवल महिला कर्मचारियों के प्रति अपमानजनक है, बल्कि पूरे स्वास्थ्य केंद्र के माहौल को खराब कर रहा है।
CMHO से MP SAMWAD की खास बातचीत
MP SAMWAD की टीम ने जब CMHO डॉ. पुनीत माहेश्वरी से इस मामले पर बात की, तो उन्होंने कहा—
“हमने नियमों के अनुसार नोटिस जारी किया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं होता, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
वहीं, डॉ. मीणा से संपर्क करने पर उन्होंने बताया—
“मुझे अभी तक कोई आधिकारिक नोटिस नहीं मिला है। प्राप्त होते ही मैं अपना पक्ष रखूंगा।”
सच्ची पत्रकारिता का परचम, MP SAMWAD ने फिर साबित किया दम
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि MP SAMWAD की निडर और निष्पक्ष पत्रकारिता प्रशासन को जवाबदेह बनाने में सक्षम है। इस खबर के बाद न केवल पीड़ित महिला कर्मचारी को न्याय की उम्मीद जगी है, बल्कि आम जनता का भी इस पोर्टल पर विश्वास और मजबूत हुआ है।