cropped-mp-samwad-1.png

धर्म नहीं, मानवता बड़ी: भोपाल समारोह में गूंजा सभी धर्मगुरुओं का एक स्वर.

0

Visual testament to interfaith harmony as diverse religious leaders participate in joint diya lighting ceremony promoting universal peace.

Religious leaders from Hindu, Muslim, Sikh, Christian and Jain faiths jointly lighting diyas before 25-ft Buddha statue in Bhopal

Historic interfaith unity at Buddha Bhumi Monastery | 1111 lamps lit for world peace | Credit: MP Samwad

Humanity Above Religion: Bhopal Event Echoes with United Voices of All Faith Leaders.

BHOPAL MAKES HISTORY! 1111 lamps IGNITE interfaith harmony at Buddha Purnima event. Hindu, Muslim, Sikh, Christian & Jain leaders UNITE for peace. “Humanity over religion” message RESONATES as 25-ft Buddha statue stands witness.

भोपाल, 11 मई। वैशाख बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुद्धभूमि महाविहार मोनेस्ट्री, चुनाभट्टी में एक ऐतिहासिक आयोजन ने भोपाल को शांति, करुणा और एकता के रंग में रंग दिया। 1111 दीपों के प्रकाश से सजे इस समारोह में सभी प्रमुख धर्मों के गुरुओं ने एक साथ विश्व शांति का संदेश दिया।

मुख्य आकर्षण:

  • भव्य दीप प्रज्वलन: 25 फीट ऊँची बुद्ध प्रतिमा के समक्ष 1111 दीप जलाए गए, जिनमें छिपा था “अहिंसा और मैत्री” का संकल्प।
  • सर्वधर्म समभाव: बौद्ध, हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई व जैन धर्मगुरुओं ने एक मंच से दिया “शांति का मंत्र”
  • युवाओं का आह्वान: भंते शाक्यपुत्र सागर थेरो ने युवाओं से सोशल मीडिया पर शांति का संदेश फैलाने की अपील की।

धर्मगुरुओं के प्रमुख उद्बोधन:

  • हिंदू धर्म: “वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना ही सनातन का सार है” — महंत अनिलानंद
  • इस्लाम: “इस्लाम का अर्थ ही ‘शांति’ है; अल्लाह उसे प्यार करता है जो अमन फैलाता है” — हाजी मोहम्मद हारून
  • सिख धर्म: “गुरु नानक का ‘सरबत दा भला’ आज भी प्रासंगिक है” — गुरुचरण सिंह अरोड़ा
  • जैन धर्म: “अहिंसा परमो धर्मः — यह जीवन का संकल्प होना चाहिए” — प्रो. मनोज जैन
  • ईसाई धर्म: “यीशु ने क्रूस पर भी क्षमा का पाठ पढ़ाया” — फादर आनंद मुथुंगल

भंते शाक्यपुत्र सागर थेरो का ऐतिहासिक संदेश:

“युद्ध सीमाओं पर नहीं, हमारे मन में होता है। घृणा और असहिष्णुता को समाप्त करें। शांति का मार्ग संवाद और करुणा से ही निकलेगा।”

कार्यक्रम का प्रभाव:

  • सैकड़ों लोगों ने मौन प्रार्थना में विश्व शांति की कामना की।
  • “सर्वे भवन्तु सुखिनः” और “सबका मंगल हो” के मंत्रों से गूंज उठा पूरा परिसर।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

All Rights Reserved for MP Samwad LLP | CoverNews by AF themes.