cropped-mp-samwad-1.png

भिंड में सरकारी खरीद व्यवस्था की बारिश में धुलाई.

0

Government Procurement System Was Washed Away in the Rain in Bhind.

Special Correspondent, Bhind, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, भिंड।
भिंड जिले में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने सरकारी गेहूं खरीदी व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को उजागर कर दिया है। मौसम विभाग द्वारा चार दिन पहले ही तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी कर दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद खरीदी केंद्रों पर गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए। नतीजा यह हुआ कि आलमपुर खरीदी केंद्र के बाहर खुले में रखा लगभग 3 हजार क्विंटल गेहूं बारिश में भीग गया।

मौसम ने नहीं, अव्यवस्था ने बिगाड़ी फसल की सुरक्षा

जानकारी के अनुसार, आलमपुर खरीदी केंद्र पर किसानों से खरीदा गया गेहूं गोदामों में जगह नहीं होने के कारण खुले आसमान के नीचे रखा गया था। कई स्थानों पर गेहूं सीधे जमीन पर पड़ा था, जबकि कुछ जगह बोरियों में भरा हुआ था। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि उसे ढकने के लिए तिरपाल तक उपलब्ध नहीं कराया गया।

बारिश शुरू होते ही हजारों क्विंटल गेहूं भीग गया और सरकारी खरीदी व्यवस्था की तैयारियों की पोल खुलकर सामने आ गई।

फर्जीवाड़े के आरोप में सील वेयरहाउस बना बड़ी वजह

बताया जा रहा है कि जिस वेयरहाउस में यह गेहूं रखा जाना था, उसे पूर्व में गेहूं खरीदी में कथित फर्जीवाड़े के आरोपों के चलते प्रशासन ने सील कर दिया था। इस वेयरहाउस में पहले से लगभग 2,700 क्विंटल गेहूं भरा हुआ है, जिससे नए गेहूं के भंडारण की कोई व्यवस्था नहीं बची।

परिणामस्वरूप हजारों क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा रहा और बारिश की भेंट चढ़ गया।

सिर्फ आलमपुर नहीं, पूरे जिले में संकट

यह मामला केवल एक खरीदी केंद्र तक सीमित नहीं है। भिंड जिले के 32 खरीदी केंद्रों पर कुल 48,856 क्विंटल गेहूं परिवहन के इंतजार में पड़ा हुआ है।

प्रमुख केंद्रों की स्थिति इस प्रकार है:

  • मछंड केंद्र: 6,647 क्विंटल
  • बरौआ केंद्र: 4,179 क्विंटल
  • ऐहनो केंद्र: 4,084 क्विंटल
  • मेहरा (अमायन) केंद्र: 1,222 क्विंटल

मौसम विभाग ने आगे भी खराब मौसम की संभावना जताई है, जिससे दोबारा बारिश होने पर नुकसान और बढ़ सकता है।

किसानों की तुलाई रुकी, बढ़ा आर्थिक बोझ

बारिश के बाद खरीदी केंद्रों पर तुलाई का कार्य लगभग ठप हो गया है। कई किसान पिछले पांच दिनों से अपनी उपज की तुलाई का इंतजार कर रहे हैं।

किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारी तुलाई कराने से इंकार कर रहे हैं, जिससे उन्हें ट्रैक्टर-ट्रॉली का किराया और अन्य खर्च लगातार उठाना पड़ रहा है।

ट्रांसपोर्टरों की सफाई, प्रशासन ने शुरू की जांच

गेहूं उठाव में देरी पर ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि मजदूरों की कमी और वेयरहाउसों में पर्याप्त तुलाई कांटे न होने के कारण लोडिंग और अनलोडिंग में विलंब हो रहा है।

जिला प्रभारी नागरिक आपूर्ति निगम प्रभारी राजेश चौधरी ने कहा कि अचानक हुई बारिश से हालात बिगड़े हैं। पूरे मामले की जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बड़ा सवाल

जब मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दे दी थी, तो हजारों क्विंटल गेहूं को खुले में छोड़ने की जिम्मेदारी किसकी है?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

In respect of all matters arising under and in relation to this Company or the Arrangement and waives, the exclusive jurisdiction of the courts of the Bhopal and the laws of Madhya Pradesh and India, to the fullest extent possible, shall be applicable. | CoverNews by AF themes.