स्कूल की ड्रेस भीगी, उम्मीदें भी भीगी! पुल न होने से परेशान बच्चे.
School uniforms soaked, so were hopes! Children troubled due to lack of a bridge.
Rahul Rai, Special Correspondent, Umariya, MP Samwad.
In Umaria’s Dadarodi village, the absence of a bridge over the Barua River forces schoolchildren to cross dangerous waters daily. During monsoon, the risk intensifies. Their uniforms and dreams are soaked alike, yet the administration remains silent despite repeated pleas for safe access and bridge construction.
MP संवाद, उमरिया, मानपुर। ग्राम ददरौड़ी और सरसवाही के बीच बहने वाली बरुआ नदी पर पुल न होने के कारण स्कूली बच्चे और ग्रामीणों को रोजाना जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। बारिश के मौसम में यह खतरा और भी बढ़ जाता है, जिससे आमजन का आक्रोश प्रशासन के प्रति गहराता जा रहा है।
ग्रामीणों की लंबे समय से बरुआ नदी पर पुल निर्माण की मांग चल रही है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। बरसात के दिनों में नदी का तेज बहाव बच्चों के स्कूल जाने में बाधा बनता है—कई बार बच्चों को छुट्टी लेनी पड़ती है या फिर जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है।
स्कूली बच्चों को नदी पार करते वक्त बैग और ड्रेस बचाने की जद्दोजहद करनी पड़ती है, जिससे उनके अभिभावक हर रोज चिंता में डूबे रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या केवल बच्चों तक सीमित नहीं है—यह रास्ता कई गांवों को जोड़ता है, और बिना पुल के ग्रामीणों को रोजमर्रा की ज़िंदगी में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल पुल निर्माण शुरू करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्य प्रारंभ नहीं हुआ, तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। पुल निर्माण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी।