कब सुनेगा प्रशासन? बालाघाट में बाघों का आतंक बना जीवन का संकट.
Fear grips Balaghat as tiger attacks claim farmers’ lives. Will MP govt act?
Tiger terror in Balaghat: Farmers demand govt action after fatal attacks.
When will the administration listen? Tiger terror in Balaghat turns life into a crisis.
Anand Tamrakar, Special Correspondent, Balaghat, MP Samwad.
बालाघाट में बाघों का आतंक! किसानों की मौत, वन विभाग को चेतावनी – ‘संवेदनशील क्षेत्र’ घोषित करने की मांग। क्या सरकार कोर्ट जाने से पहले करेगी कार्रवाई?
TIGER TERROR IN BALAGHAT! Farmers Killed, Forest Dept Alerted – Activists Demand ‘Sensitive Zone’ Tag to Stop Attacks. Will Govt Act Before Court Steps In?
MP संवाद, बालाघाट – मध्य प्रदेश नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ. पी.जी. नाजपाण्डे ने प्रमुख सचिव, वन मंत्रालय, मध्य प्रदेश शासन, भोपाल को पत्र लिखकर बालाघाट जिले के सोनेवानी से लगे रिहायशी क्षेत्रों में वन्यप्राणियों के हमले और एक किसान की मौत को लेकर प्रभावित क्षेत्र को तत्काल संवेदनशील घोषित करने की मांग की है।
4 मई 2025 को प्रेषित पत्र में डॉ. नाजपाण्डे ने बताया कि पेंच और कान्हा के बीच स्थित बालाघाट जिले के वन्यप्राणी अनुभव क्षेत्र तथा आसपास के इलाकों में वन्यप्राणियों की रिहायशी इलाकों में घुसपैठ लगातार बढ़ रही है। इसके चलते ग्रामीणों के वन्यप्राणियों के हमलों का शिकार होने की घटनाएं बढ़ रही हैं। 3 मई को एक बाघ के हमले में एक किसान की मौत हो गई, जबकि पिछले चार महीनों में दो किसानों ने वन्यप्राणियों के हमलों में अपनी जान गंवाई है।
डॉ. नाजपाण्डे ने वन मंत्रालय को पत्र लिखकर इस पूरे क्षेत्र को तुरंत संवेदनशील घोषित करने की मांग दोहराई है। उन्होंने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि पहले भी मंत्रालय को सूचित किया गया था कि सोनेवानी वन्यप्राणी अनुभव क्षेत्र में 50 बाघों की मौजूदगी की आधिकारिक घोषणा की गई है, लेकिन इस क्षेत्र को अभी तक अभयारण्य का दर्जा नहीं दिया गया है।
इस वजह से वन्यप्राणियों का आवासीय क्षेत्रों में बार-बार घुसना और हमले होने से लोगों में डर फैला हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।