बालाघाट में नक्सल आतंक – अपहरण, हत्या और खुली धमकी.
Balaghat under Naxal Terror – Kidnapping, Murder, and Open Threats.
Anand Tamrakar, Special Correspondent, Balaghat, MP Samwad.
Balaghat reels under Naxal terror as posters and banners resurface, exposing deep-rooted insurgency. The brutal abduction and murder of Devendra Yadav has left villagers in fear, while police intensify searches with 800 jawans deployed. Despite government deadlines for elimination, Naxals openly challenge authorities, questioning security and governance in Madhya Pradesh.
MP संवाद, बालाघाट जिले में नक्सलियों की मौजूदगी और सक्रियता लगातार सिरदर्द बनी हुई है। बीते सप्ताह पाथरी पुलिस चौकी अंतर्गत झाको गांव में नक्सलियों ने बैनर-पोस्टर बांधकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। इसके बाद देवेंद्र यादव नामक युवक को मुखबिरी का आरोप लगाकर अगवा किया और बेरहमी से हत्या कर दी।
ग्रामीणों ने देखा शव, पुलिस ने किया पोस्टमार्टम
देवेंद्र यादव का शव कल देर शाम ग्रामीणों को घटनास्थल से लगभग 500 मीटर दूर पड़ा मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और आज पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया।
परसवाड़ा में नए पोस्टर, पुलिस को खुली चुनौती
आज सुबह परसवाड़ा थाना क्षेत्र के चीनी से कुकड़ा मार्ग पर नक्सलियों ने फिर से बैनर और पर्चे लगाकर पुलिस को खुली चुनौती दी। ग्रामीण की सूचना पर पहुंची पुलिस ने इन पोस्टरों को जब्त किया और मामले की जांच शुरू की।
नक्सलियों का दावा – “अब नहीं करेगा मुखबिरी”
बैनरों में नक्सलियों ने लिखा – “आईजी साहब की शंका अब दूर हो जाएगी, क्योंकि देवेंद्र यादव अब पुलिस के लिए मुखबिरी नहीं करेगा।” इसके साथ ही उन्होंने पुलिस पर बेरोजगार युवकों को भर्ती के नाम पर मुखबिर बनाने का आरोप लगाया और विशेष भर्ती अभियान का विरोध जताया।
सरकार की डेडलाइन और जमीनी हकीकत
गौरतलब है कि केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने मार्च 2026 तक नक्सलवाद उन्मूलन की डेडलाइन तय की है। पुलिस नक्सल गतिविधियों को देश से जड़ से खत्म करने का दावा करती है, लेकिन बालाघाट जैसे क्षेत्रों में बैनर-पोस्टर के जरिए नक्सली अपनी पकड़ और सक्रियता दिखा रहे हैं।
800 जवान जंगल में, हाई अलर्ट जारी
देवेंद्र यादव के अपहरण और हत्या के बाद पुलिस ने इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। करीब 800 जवान जंगल में डटे हुए हैं और नक्सलियों की तलाश के लिए सर्चिंग अभियान तेज कर दिया गया है।