मादा बाघ की मौत पर उठे सवाल, गिरफ्तार चौकीदारों की रिहाई और अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग.
Questions Raised Over Female Tiger’s Death, Demand for Release of Arrested Guards and Action Against Officials.
Special Correspondent, Bhopal, MP Samwad.
In Balaghat’s Sonewani Sanctuary, six guards arrested in female tiger death case. Tribal council demands release of accused guards, holding senior forest officials responsible and demanding strict legal action. Protesters threaten to besiege collectorate if demands ignored within 11 days.
MP संवाद, बालाघाट जिले के सोनेवानी अभयारण्य केंद्र में मादा बाघ की मौत का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस प्रकरण में अब तक छह चौकीदार और श्रमिकों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, घटना के बाद निलंबित किए गए डिप्टी रेंजर और वन रक्षक अभी भी फरार हैं और गिरफ्त से दूर हैं।
इसी बीच मामले में नया मोड़ तब आया जब एक समाज संगठन ने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को बाघ की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की। संगठन ने सभी सुरक्षाकर्मियों और श्रमिकों को निर्दोष बताते हुए उनकी रिहाई की भी मांग की है।
समाज संगठन ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया है। मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद के बैनर तले सुरक्षाकर्मियों और श्रमिकों के समर्थन में रैली निकाली गई और जमकर नारेबाजी हुई।
परिषद एवं सामाजिक बंधुओं ने प्रशासन से 11 दिनों के भीतर गिरफ्तार लोगों को रिहा करने की मांग की है। साथ ही डीएफओ और सीसीएफ स्तर के अधिकारियों पर भी वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 11 दिनों में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे।