गर्मी में दूध के दाम ‘उबलने’ लगे, अमूल ने किया 2 रुपए प्रति लीटर महंगा.
Amul implements ₹2/liter price hike across Madhya Pradesh, impacting popular variants including Gold and Taaza milk from May 1st.
Amul milk products now cost ₹2 more per liter across Madhya Pradesh
Milk Prices ‘Boil Over’ in the Summer: Amul Hikes Rates by ₹2 per Litre.
Special Correspondent, Bhopal, MP Samwad.
मध्यप्रदेश में अमूल ने बढ़ाए दूध के दाम! 1 मई से 2 रुपए/लीटर महंगा। मदर डेयरी के बाद अब अमूल। गर्मी में उत्पादन घटने और लागत बढ़ने का हवाला। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित सभी जिले प्रभावित। साल में तीसरी बार कीमतें बदली!
AMUL RAISES MILK PRICES IN MADHYA PRADESH! ₹2 hike per liter effective May 1. Mother Dairy already increased rates. Summer supply crunch & higher procurement costs cited as reasons. All districts affected – Bhopal, Indore, Gwalior, Jabalpur. Third price change this year!
MP संवाद, भोपाल मध्यप्रदेश के सभी जिलों में अमूल डेयरी ने दूध के दाम में बढ़ोतरी कर दी है। 1 मई, गुरुवार से लागू हुए नए रेट के तहत 1 लीटर दूध की कीमत में 2 रुपए और आधा लीटर दूध पर 1 रुपए की वृद्धि की गई है। यह बढ़ोतरी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित पूरे प्रदेश में लागू हो चुकी है।
किन उत्पादों के दाम बढ़े?
- अमूल स्टैंडर्ड
- अमूल बफैलो मिल्क
- अमूल गोल्ड
- अमूल स्लिम एंड ट्रिम
- अमूल चाय मजा
- अमूल ताजा
- अमूल काऊ मिल्क
अन्य डेयरी कंपनियों की स्थिति
मदर डेयरी पहले ही अपने दूध के दाम बढ़ा चुकी है, जबकि सांची डेयरी भी जल्द ही अपने दामों में वृद्धि कर सकती है। पैक्ड दूध की कीमतों में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।
तीन माह में दूसरा बदलाव
इससे पहले 24 जनवरी को अमूल ने दूध के दाम में 1 रुपए की कटौती की थी। पिछले साल लोकसभा चुनाव परिणामों से तीन दिन पहले भी अमूल गोल्ड दूध के दाम में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।
राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ोतरी
एक दिन पहले ही मदर डेयरी और वेरका ब्रांड ने पूरे देश में दूध के दाम में 2 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। 30 अप्रैल से लागू इन नए दामों के बाद मदर डेयरी का फुल क्रीम दूध 67 रुपए से बढ़कर 69 रुपए प्रति लीटर और टोंड मिल्क 54 रुपए से बढ़कर 56 रुपए प्रति लीटर हो गया है।
क्यों बढ़ाए गए दाम?
अमूल ने दाम बढ़ाने के पीछे निम्न कारण बताए हैं:
- दूध खरीद की लागत में वृद्धि
- डेयरी उत्पादन से जुड़े खर्चों में इजाफा
- किसानों से दूध खरीद की लागत बढ़ना
- गर्मी के मौसम में दूध उत्पादन में कमी
- किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने की कोशिश