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किसानों को कृषि मंत्री शिवराज की बड़ी सौगात, 14 फसलों की MSP बढ़ाई, किसानों को होगा इतना फायदा

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Hemant Cabinet meeting on September 6: Important decisions expected

Hemant Cabinet meeting on September 6: Important decisions expected

नई दिल्ली

मोदी सरकार ने  किसानों को बड़ा तोहफा दिया है. मोदी कैबिनेट ने खरीफ की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) यानी MSP बढ़ाने की मंजूरी दे दी है. खरीफ की 14 फसलों की MSP को बढ़ा दिया गया है. धान का MSP बढ़ाकर 2300 रुपये किया गया है.  सरकार ने कहा कि 2024-25 के लिए खरीफ फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी की है, ताकि उत्पादकों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किया जा सके.

केंद्रीय कैबिनेट की दूसरी बैठक आयोजि की गई. इसमें 5 बड़े फैसले लिए गए है. आपको बता दे खरीफ की फसलों की MSP बढ़ाने का ऐलान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया. उन्होंने कहा कि "खरीफ सीजन शुरू हो रहा है, किसानों को प्राथमिकता देते हुए 14 फसलों पर MSP कैबिनेट ने अप्रूव किया है. सरकार का मानना है कि MSP कम से कम 1.5 गुना होनी चाहिए. धान की नई MSP को 2300 रुपये किया गया है. इसमें 117 रुपये की बढ़ोतरी हुई है. 2013-14 में धान की MSP 1310 रुपये थी.

किन फसलों पर है कितनी MSP?

रागी की MSP 4290 रुपये, मक्के की MSP 2225 रुपये, मूंग की 8682 रुपये की गई है. तूर दाल की MSP 7550 रुपये की गई है. उरद दाल की नई MSP 7400 और मूंगफली के तेल की MSP 6783 रुपये की गई है. इसके साथ ही दो लाख गोदाम बनाने का काम भी तेजी से चल रहा है. कपास की MSP 7121 रुपए की गई है. इसमें 501 रुपये बढ़ाया गया है. पहले इसकी एमएसपी 7121 थी. ज्वार, धान, बाजरा, रागी, मक्का, तूर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सूरजमुखी, सोयाबीन और तिल के एमएसपी में वृद्धि की गई है.

मोदी जी जो कहते हैं वह करके दिखाते हैं

मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव ने मोदी कैबिनेट की सराहना करते हुए कहा  "14 प्रकार की फसलों पर एमएसपी में जो वृद्धि की है, वह इस बात का उदाहरण है कि मोदी जी जो कहते हैं. वह करके दिखाते हैं. इस एमएसपी वृद्धि से अन्नदाताओं को दी गई मोदी जी की पहली गारंटी पूर्ण होती है. मैं अपनी व मध्य प्रदेश सरकार की ओर से देश व प्रदेश के सभी किसान भाइयों को बधाई देता हूं". उन्होंने यह भी कहा की "किसानों की आए बढ़नी चाहिए, उनके जीवन में बदलाव आना चाहिए. हम हर साल अपनी योजना के टहत 6 हजार रुपए किसानों के एकाउंट में डालते है. इस कदम के बाद किसान के जीवन में आर्थिक मदद होगी.

 

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