PMO तक पहुँचा बेटियों का दर्द: इंदौर में शिक्षकों पर कार्रवाई अब भी अधूरी.
Daughters’ Pain Reaches the PMO: Action Against Teachers in Indore Still Incomplete.
Special Correspondent, Indore, MP Samwad.
In Indore, a shocking case of girl students’ abuse in a government school has reached the Prime Minister’s Office. Despite official reports confirming the allegations, no action has been taken against the accused teachers for years. Now, the PMO has directed the Madhya Pradesh government to act.
MP संवाद, इंदौर के एक सरकारी स्कूल में छात्राओं के यौन शोषण का मामला सामने आया है, जिसकी गूंज अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुँच गई है। PMO ने छात्राओं की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को इस मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
यह मामला वर्ष 2019 का है। उस समय छात्राओं और उनके परिजनों द्वारा अपर कलेक्टर को शिकायत सौंपी गई थी। जांच अधिकारी के रूप में नियुक्त खुड़ैल की एसडीएम नीता राठौर ने स्कूल में पहुँचकर जांच की और 10 अक्टूबर 2019 को रिपोर्ट सौंप दी, जिसमें छात्राओं के आरोप सही पाए गए। रिपोर्ट में दो शिक्षकों को तत्काल बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों शिक्षक नाबालिग छात्राओं से अश्लील बातें करते थे, उन्हें बेरहमी से पीटते थे और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। छात्राओं और महिला शिक्षकों के अनुसार, आरोपी शिक्षक मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत होते थे।
इसके बावजूद, आज तक आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिजनों ने महिला थाने, खुड़ैल थाने और इंदौर एसपी तक बार-बार शिकायतें कीं, लेकिन पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। RTI एक्टिविस्ट जितेंद्र सिंह ने भी 6 मई 2019 को इस मामले की शिकायत सबूतों सहित की थी। जब कोई जवाब नहीं मिला, तो 10 जुलाई 2020 और 24 जुलाई 2020 को फिर से पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया।
जब सिस्टम से न्याय की कोई उम्मीद बाकी नहीं रही, तो आखिरकार 28 फरवरी 2025 को पीड़ित बच्चियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय को ‘डिमांड ऑफ जस्टिस’ याचिका भेजी।
अब पीएमओ ने इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह तत्काल कार्रवाई करे। डायरेक्टर, सीएम हेल्पलाइन संदीप अस्थाना को इस मामले में एक्शन लेने के निर्देश दिए गए हैं।