AI + सैटेलाइट = कटनी में अब लाचार होंगे अवैध खनन माफिया!
AI and satellite surveillance are now key in controlling illegal mining in Katni, with technology empowering enforcement agencies.
AI and satellite technology tracking illegal mining operations in Katni, bringing new hope for stricter enforcement
AI and Satellite Tech to Crush Illegal Mining Mafia in Katni!
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
कटनी में अवैध खनन पर AI और सैटेलाइट तकनीक की सख्त निगरानी! सरकार ने खनन माफियाओं के खिलाफ बड़े कदम उठाए, अब छुपे हुए खनन माफिया नहीं बच पाएंगे।
AI and satellite tech crack down on illegal mining in Katni! The government takes bold steps to expose hidden mining mafias.
MP संवाद, कटनी। जिले में कुल 310 खदानें (माइंस) हैं, जिनमें से 170 से अधिक चालू हालत में हैं, जबकि 140 को स्वीकृति का इंतजार है। हैरानी की बात यह है कि दर्जनों खदानें बिना अनुमति संचालित हो रही हैं। इनमें मुख्य और गौण खनिज दोनों शामिल हैं, जिनमें डोलोमाइट की 30 से अधिक खदानें भी शामिल हैं।
AI और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी से निगरानी
प्रदेश सरकार ने अवैध खनन, भंडारण और परिवहन रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी प्रणाली विकसित की है। इसके तहत:
- 7502 स्वीकृत खदानों की जियो-टैगिंग कर सीमांकन किया गया है।
- सैटेलाइट इमेज और रिमोट सेंसिंग से अवैध खनन पर रियल-टाइम नजर रखी जाएगी।
- सिस्टम स्वचालित अलर्ट जारी करेगा, जिसके बाद अमला मोबाइल ऐप से सत्यापन कर कार्रवाई करेगा।
- ड्रोन सर्वे और वॉल्यूमेट्रिक एनालिसिस से उत्खनन की वास्तविक मात्रा का पता लगाया जाएगा।
ई-चेकगेट और ऑनलाइन ट्रैकिंग
- 41 स्ट्रेटेजिक लोकेशन्स (कटनी सहित) पर मानवरहित ई-चेकगेट स्थापित किए जा रहे हैं।
- वेरिफोकल कैमरा, RFID और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर से वाहनों की जांच होगी।
- ई-खनिज पोर्टल पर खनिज परिवहन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है।
- ई-टीपी (इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसपोर्ट परमिट) से पारदर्शिता बढ़ी है, जिससे रॉयल्टी चोरी पर रोक लगी है।
सरकार का दावा:
“अब कोई भी अवैध खनन छिप नहीं पाएगा। AI और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी से हमारी टीम हर गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई करेगी।”