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‘बिल’ से खेल! ठेकेदार ने 11 करोड़ उड़ाए, नगर निगम में घोटाला.

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Municipal corporation scam: ₹11 crore lost in fake bill fraud. Investigation expands, SIT probe underway. Read the full story now!

Fake bills scam in municipal corporation; contractor embezzles ₹11 crore using fraudulent transactions

Municipal scam exposed! Contractor siphons ₹11 crore through 169 fake bills, triggering SIT probe.

Played with ‘Bills’! Contractor Embezzled ₹11 Crore, Scam Uncovered in Municipal Corporation.

Special Correspondent, Indore, MP Samwad.

MP’ इंदौर – नगर निगम में 169 फर्जी बिलों के जरिए 11 करोड़ रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है। ऑडिट रिपोर्ट और जांच के बाद निगम के सहायक लेखापाल आशीष तायडे ने एमजी रोड पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

मुख्य आरोपी:
मेसर्स नींव कंस्ट्रक्शन के संचालक मोहम्मद साजिद पर आरोप है कि उसने 185 बिलों में से 169 बिल फर्जी बनाकर भारी लेन-देन किया। जांच में सामने आया कि यह कंपनी पहले से ही ब्लैकलिस्टेड थी

कैसे हुआ घोटाला?

  • जीएसटी में गड़बड़ी: निगम को 2% और ठेकेदारों को 6-12% जीएसटी जमा करना होता है, लेकिन ठेकेदारों ने इस प्रक्रिया में हेरफेर कर रकम हड़प ली।
  • फर्जी दस्तावेज़: ऑर्डर की प्रक्रिया में गड़बड़ी कर लाखों रुपये निजी खातों में ट्रांसफर किए गए।
  • खाते में संदिग्ध लेन-देन: जांच में यह भी सामने आया कि बड़ी रकम अन्य खातों में ट्रांसफर हुई है।

निगम की कार्रवाई

घोटाले की गंभीरता को देखते हुए निगम ने एसआईटी गठित करने की मांग की है। साथ ही, अन्य ठेकेदारों की भूमिका की भी जांच हो सकती है।

पुलिस का बयान

डीसीपी हंसराज सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि आंतरिक जांच रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज किया गया है। “कुछ देयकों में मेल नहीं बैठा, जिसके बाद निगम ने शिकायत दी। मुख्य आरोपी मोहम्मद साजिद के खातों में पैसा ट्रांसफर होने की पुष्टि हुई है। जांच के बाद और जानकारी सामने आएगी।”

? यह घोटाला नगर निगम के वित्तीय प्रक्रियाओं में गहरी गड़बड़ी को उजागर करता है। अब सवाल यह है कि क्या अन्य ठेकेदार भी इसमें शामिल हैं?

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