MP SAMVAAD LOGO 2

समर्थन मूल्य धान खरीदी में वित्तीय संकट: समितियों और कर्मचारियों का भुगतान रुका.

0

धान खरीदी भुगतान में देरी से जिले की 54 समितियों और 80 कंप्यूटर ऑपरेटरों को परेशानी, करोड़ों की राशि विवाद के चलते अटकी।

धान खरीदी केंद्र पर किसान और अधिकारी, भुगतान में देरी से नाराज कर्मचारी

धान खरीदी केंद्र पर किसान और अधिकारी, भुगतान में देरी से नाराज कर्मचारी

Financial Crisis in MSP Paddy Procurement: Payments to Committees and Employees Stalled.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad.

कटनी। जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान के लंबित भुगतान को लेकर समस्या बनी हुई है। जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम से लगातार संपर्क किया जा रहा है, लेकिन आज तक भुगतान नहीं किया गया है।धान खरीदी वर्ष 2021-22 के दौरान 7.30 करोड़ रुपये की राशि ऑनलाइन और ऑफलाइन विवाद के कारण अटकी हुई है। नागरिक आपूर्ति निगम (नान) द्वारा एक ही राशि को अलग-अलग तरीके से दर्शाया गया है, जिससे भुगतान रोका गया है।वहीं, धान खरीदी वर्ष 2022-23 की लोडिंग राशि का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। वर्ष 2023-24 के लिए हैंडलिंग और लोडिंग दोनों का भुगतान लंबित है, जिससे खरीदी प्रभारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।समिति कमीशन का भी भुगतान अधूरावर्ष 2023-24 के लिए संस्थागत कमीशन की दर ₹31.25 प्रति क्विंटल तय की गई थी, लेकिन अब तक केवल ₹17 का भुगतान किया गया है। शेष ₹14.25 प्रति क्विंटल की राशि समितियों को मिलना बाकी है। पूरे जिले में यह लंबित राशि 5 से 8 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है।कंप्यूटर ऑपरेटरों का वेतन भी लंबितधान खरीदी के कार्य में लगे 80 कंप्यूटर ऑपरेटरों का वेतन भी अब तक जारी नहीं किया गया है। वर्ष 2023-24 और 2024-25 के ऑपरेटरों का वेतन भुगतान न होने से वे आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। जिले की 54 समितियों का भुगतान अब तक लंबित है।बैठक में मौजूद रहे प्रमुख सदस्य इस दौरान बैठक में दिनेश द्विवेदी, अश्विनी शुक्ला, सतीश तिवारी, सुधीर शुक्ला, राजकुमार दुबे, जयपाल सिंह, राजेंद्र ठाकुर, आशीष बैरागी, लखन पटेल, सत्यनारायण दुबे और निशांत पांडे सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

In respect of all matters arising under and in relation to this Company or the Arrangement and waives, the exclusive jurisdiction of the courts of the Bhopal and the laws of Madhya Pradesh and India, to the fullest extent possible, shall be applicable. | CoverNews by AF themes.