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धान खरीदी केंद्रों पर लगा अंबार, धीमी रफ्तार से बढ़ रही मुश्किलें, जिम्मेदार बेपरवाह.

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Slow processing at paddy procurement centers has resulted in a significant pile-up, causing increasing challenges for farmers and highlighting authorities’ negligence.

Pile-up of paddy at procurement centers due to slow processing pace, causing difficulties for farmers.

Delayed processing at paddy procurement centers leads to growing pile-up, causing hardships for farmers.

Pile-up of paddy at procurement centers, slow pace increases troubles, authorities remain negligent.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
कटनी। इस वर्ष अच्छी बरसात होने के कारण धान की फसल अच्छी हुई है और खरीदी केंद्र में भी इसका अंबार लग गया है समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी अब अंतिम दिनों पर है। कुछ दिन पहले मौसम खराब होने के बाद अब एक बार फिर धान की खरीदी में तेजी आई है लेकिन मैपिंग नहीं होने की वजह से धान का परिवहन नहीं हो पा रहा है, जिससे और केन्द्रों में धान का अंबार लगा हुआ है। इस ओर प्रशासन के अधिकारियों का ध्यान नहीं है।
उधर मौसम विभाग ने एक बार फिर बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में यदि बारिश हुई तो केन्द्रों में रखी हजारों क्विंटल धान खराब होने का खतरा मंडरा रहा है। विदित हो कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार विगत 2 दिसम्बर से जिले के 89 केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर किसानों से धान का उपार्जन किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए धान कॉमन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपये प्रति क्विंटल तथा धान ग्रेड-ए का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2320 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों की एफएक्यू गुणवत्ता की उपज अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य उपार्जित की जाएगी। धान उपार्जन को लेकर राज्य सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि केन्द्रों में किसानों को कोई परेशानी न हो और बिचौलियों और व्यापारियों की खरीदी नहीं की जाए। इसके बाद भी जिले में शासन के निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू होते ही केन्द्रों में किसान का जमावड़ा लग गया। ट्रेक्टर ट्राली, मेटाडोर, पिकअप, लोडर सहित अन्य वाहनों में किसान अपनी उपज लेकर केन्द्रों में पहुंचे। एक महीना बीतने के बाद अब मैपिंग नहीं होने की वजह से धान का परिवहन नहीं हो पा रहा है। जिससे खरीदी प्रभारी भी परेशान हो रहे हैं

खरीदी केन्द्र 89 समर्थन मूल्य 2300 रूपए प्रति क्विंटल पंजीकृत किसान 53193 इतने किसानों ने बेची धान 39081 अब तक धान की खरीदी 3 लाख 32 हजार 585 मीट्रिक टन अनुमानित लक्ष्य 4 लाख 50 हजार मीट्रिक टन किसानों को कुल भुगतान 764.95 करोड़ रूपए किसानों को भुगतान 318.37 करोड़ रूपए किसानों को भुगतान शेष 446.58 करोड़ रूपए नोट : आंकड़े 7 जनवरी की शाम तक इस वर्ष धान की अच्छी पैदावार हुई है जिससे किसान भी खुश है

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