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Hyundai IPO के आने से पहले ही ग्रे मार्केट में खराब शुरुआत, जीएमपी में तगड़ी गिरावट

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मुंबई

अगले हफ्ते देश का सबसे बड़ा आईपीओ आ रहा है, जो LIC, पेटीएम और कोल इंडिया जैसे आईपीओ की रिकॉर्ड तोड़ देगा. यह आईपीओ 15 अक्‍टूबर को सब्‍सक्रिप्‍शन के लिए खुल रहा है और 17 अक्‍टूबर को बंद हो जाएगा. कंपनी ने इस IPO के तहत 1865-1960 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड (Hyundai IPO Price Band) का ऐलान किया है.

Hyundai IPO के साइज की बात करें तो ये 27870.16 करोड़ रुपये का है, जो इसे देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC के आईपीओ से भी बड़ा बनाता है, जो कि 21000 करोड़ रुपये का था. इस आईपीओ के तहत अलॉटमेंट प्रोसेस के लिए 18 अक्टूबर, तो रिफंड प्रोसेस के लिए कंपनी ने 21 अक्टूबर की तारीख तय है. इसके शेयरों की लिस्टिंग 22 अक्टूबर को होनी है.

हुंडई आईपीओ जीएमपी में तगड़ी गिरावट
Hyundai IPO के आने से पहले ही ग्रे मार्केट में इसकी खराब शुरुआत दिख रही है. ऑटो सेक्‍टर की इस कंपनी के जीएमपी में तगड़ी गिरावट देखी जा रही है. आईपीओ का साइज और प्राइस बैंड तय किए जाने के बाद से ही इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगातार टूट रहा है और करीब 80 फीसदी टूट चुका है. सितंबर के आखिरी दिनों में 570 रुपये से गिरकर 12 अक्‍टूबर को इसका जीएमपी 75 रुपये पर आ चुका है.

किसके लिए कितना रिजर्व?
Hyundai का इश्यू 50 फीसदी हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB), 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) और 35 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए रिजर्व है. IPO के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 18 अक्टूबर को फाइनल होगा. फिर BSE और NSE पर 22 अक्टूबर को एंट्री होगी.  इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 14,21,94,700 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत जारी होंगे और ये शेयर इसकी पैरैंट कंपनी बेचेगी.

क्‍या करें निवेशक?
हुंडई आईपीओ के जीएमपी में गिरावट को देखते हुए ज्‍यादातर लोगों के मन में यही सवाल है कि आखिरी अब क्‍या करना चाहिए? ऐसे में कुछ एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि यह फाइनेंशियल तौर पर ज्‍यादा मजबूत दिखाई देता है. ऐसे में निवेश किया जा सकता है. हालांकि निवेशकों को अपने रिस्‍क और फंडामेंटल समेत सभी फैक्‍टर्स को अच्‍छी तरह से समझकर ही निवेश करना चाहिए.

दो दशक बाद ऑटोमेकर कंपनी का IPO
पैसेंजर व्हीकल सेल्स वॉल्यूम के आधार पर Hyundai Motors India कंपनी वित्त वर्ष 2024 में मारुति सुजूकी के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है. मारुति सुजूकी का मार्केट कैप 48 अरब डॉलर के करीब है. मारुति सुजुकी का आईपीओ 2003 में आया था. ऐसे में 20 साल बाद भारत में किसी ऑटो मेकर कंपनी का आईपीओ आ रहा है और इसका साइज देश में अब तक पेश किए गए सबसे बड़ी आईपीओ से भी ज्यादा है. वहीं आईपीओ के जरिए हुंडई मोटर इंडिया 18 से 20 अरब डॉलर के बीच वैल्यूएशन पाने का लक्ष्य लेकर चल रही है.

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