गांव की जमीन, पटवारी की जेब — खंडवा में स्वामित्व योजना घोटाला बेनकाब!
Village Land Into Patwari’s Pocket — Swamitva Yojana Scam Exposed in Khandwa!

Special Correspondent, Ram Lakhan Yadav, Indore, MP Samwad News.
48 संपत्तियां खुद के नाम, 3 पत्नी के नाम — साझा आंगन, बावड़ी और रास्ते तक नहीं छोड़े!
खंडवा जिले के कोलगांव में स्वामित्व योजना के तहत भूमि रिकॉर्ड तैयार करने वाले तत्कालीन पटवारी राजेश मंडलोई ने रिकॉर्ड में खुद के नाम 48 और पत्नी मनीषा मंडलोई के नाम 3 — कुल 51 संपत्तियां दर्ज कर लीं। इनमें साझा आंगन, सार्वजनिक रास्ते, गांव की बावड़ी और एक निर्माणाधीन सामुदायिक भवन से जुड़ी जमीन तक शामिल है। यानी जो जमीन पूरे गांव की थी — वो एक पटवारी की “निजी संपत्ति” बन गई। जिस योजना का उद्देश्य गरीबों को उनके घर का मालिकाना हक देना था — उसी योजना में पटवारी ने खुद का घर भर लिया!
शिकायत हुई, जांच हुई, आरोप सही निकले — पटवारी निलंबित, 935 रिकॉर्ड दोबारा जांच में!
जब शिकायत खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता तक पहुंची तो नायब तहसीलदार की जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद MP सिविल सेवा नियम-9 के तहत राजेश मंडलोई को तत्काल निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की गई। लेकिन कार्रवाई यहीं तक सीमित नहीं रही — कोलगांव में स्वामित्व योजना के तहत तैयार 935 रिकॉर्ड की दोबारा जांच के निर्देश दिए गए हैं। सवाल यह है — केवल एक पटवारी ने 51 संपत्तियां दर्ज कर लीं और किसी को भनक तक नहीं लगी? सत्यापन के कितने चरण थे और वे सब कहां थे?
935 रिकॉर्ड की जांच — क्या पूरे जिले में फैला है यह खेल?
शिकायतकर्ताओं की मांग है कि यह जांच केवल कोलगांव तक सीमित न रहे — बल्कि पूरे खंडवा जिले और प्रदेश में स्वामित्व योजना के रिकॉर्ड की व्यापक जांच हो। क्या अन्य पटवारियों ने भी ऐसा किया? क्या किसी वरिष्ठ अधिकारी की मिलीभगत थी? स्वामित्व योजना की विश्वसनीयता दांव पर है — 935 रिकॉर्ड की जांच से बड़ा सच सामने आ सकता है। जब तक व्यापक जांच नहीं होती — गरीब ग्रामीणों का हक सुरक्षित नहीं है।
Legal Disclaimer.
This news report is based on officially available information, administrative investigation findings, and reports regarding the suspension of patwari Rajesh Mandloi in Khandwa district under the Swamitva Yojana land record irregularity case. The suspension and departmental inquiry do not constitute a final legal verdict. Rajesh Mandloi and Manisha Mandloi are presumed innocent unless proven guilty through due departmental and judicial process. Allegations regarding the involvement of other officials have not been independently verified. The re-verification of 935 records is an ongoing administrative process. MP Samwad does not intend to defame any individual, government body, or institution. This report is published strictly in public interest. For corrections or clarifications, contact mpsamwad.com.