गांव-गांव शराब, युवा बर्बाद और प्रशासन मौन?
Liquor in Every Village, Youth Being Ruined, and the Administration Silent?

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, कटनी। कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार और नियमों के विपरीत संचालित बताई जा रही शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। शुक्रवार शाम क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर आबकारी विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और कलेक्टर आशीष तिवारी के नाम बड़वारा तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे आबकारी कार्यालय की तालाबंदी करेंगे और बड़वारा थाने के सामने उग्र धरना-प्रदर्शन करेंगे।
हाईवे के बीच शराब दुकान, हादसों का कारण बनने का आरोप
ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम विलायत कला में संचालित शराब दुकान नियमों की अनदेखी कर चलाई जा रही है। उनका कहना है कि यह दुकान नेशनल हाईवे-43 और स्टेट हाईवे के बीच स्थित है, जहां दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रहती है।
ग्रामीणों के अनुसार दुकान के आसपास शराब पीने वालों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने प्रशासन से दुकान की निष्पक्ष जांच कराकर इसे किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है।
डेढ़ दर्जन गांवों तक फैला अवैध शराब का नेटवर्क?
ग्रामीणों ने ज्ञापन में दावा किया कि बड़वारा थाना क्षेत्र के करीब डेढ़ दर्जन गांवों में खुलेआम अवैध शराब बेची जा रही है। इनमें भजिया, भुड़सा, परसेल, बिजौरी, कोड़ो सलैया, गुड़ा, बड़ा गुड़ा, देवरी, खरहटा, विलायत खुर्द, लोहरवारा, पथवारी और झरेला सहित कई गांव शामिल बताए गए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव-गांव शराब की आसान उपलब्धता के कारण युवाओं और नाबालिगों में नशे की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है।
महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक माहौल पर चिंता
ग्रामीणों ने कहा कि अवैध शराब कारोबार के चलते क्षेत्र में झगड़े, विवाद और अपराध जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। उनका दावा है कि कई गांवों में महिलाएं और परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया तो इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ सकता है।
पहले भी दिए ज्ञापन, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई?
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्रवासी पहले भी कई बार प्रशासन और आबकारी विभाग को ज्ञापन देकर समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई के अभाव में अवैध शराब कारोबारियों के हौसले लगातार बढ़ रहे हैं।
3 दिन का अल्टीमेटम, नहीं तो आंदोलन
तहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षेत्र में चल रही अवैध शराब बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा विलायत कला स्थित शराब दुकान को तीन दिनों के भीतर अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं हुई तो हजारों लोग सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और शासन की होगी।