लमतरा हादसे पर बड़ा एक्शन! NHAI-PWD को 24 घंटे की चेतावनी.
Major Action After Lamtara Tragedy! NHAI and PWD Given a 24-Hour Ultimatum.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, कटनी। कटनी के लमतरा ओवरब्रिज के नीचे हुए दर्दनाक बस हादसे में तीन यात्रियों की मौत के बाद सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे के बाद क्षेत्रीय सांसद विष्णु दत्त शर्मा और विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के साथ दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर मौके पर ही सख्त निर्देश जारी किए।
गड्ढों और अव्यवस्था पर फूटा जनप्रतिनिधियों का गुस्सा
निरीक्षण के दौरान सांसद और विधायक ने सड़क की जर्जर स्थिति, गहरे गड्ढों और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा के मामलों में अब किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनप्रतिनिधियों ने दुर्घटनास्थल सहित आसपास के सभी खतरनाक गड्ढों को 24 घंटे के भीतर भरने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
रोड डायवर्जन और सुरक्षा उपायों के निर्देश
सुरक्षित एवं सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकतानुसार रोड डायवर्जन करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि यातायात प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।
देवरी ओवरब्रिज बना चिंता का कारण
निरीक्षण के दौरान जबलपुर-से-कटनी मार्ग पर स्थित देवरी ओवरब्रिज (बजरंग नगर पीर बाबा के पहले) भी चर्चा का विषय रहा। यहां कटनी शहर की ओर जाने वाले मार्ग का स्पष्ट संकेतक नहीं होने और सड़क किनारे भारी वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
इस पर सांसद और विधायक ने तत्काल बड़े दिशा-सूचक बोर्ड लगाने तथा रोड डिवाइडर पर मजबूत सुरक्षा दीवार बनाने के निर्देश दिए, ताकि ट्रक और अन्य भारी वाहन सड़क किनारे खड़े न हो सकें।
बड़ा सवाल: हादसे के बाद ही क्यों जागता है तंत्र?
लमतरा बस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर सड़कों की बदहाली और सुरक्षा खामियों को दूर करने के लिए प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार क्यों करता है? यदि सड़क की स्थिति पहले से खराब थी तो समय रहते सुधारात्मक कदम क्यों नहीं उठाए गए?
अब 24 घंटे की परीक्षा
तीन लोगों की जान लेने वाले इस हादसे के बाद प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को 24 घंटे का अल्टीमेटम मिला है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निर्देश केवल फाइलों तक सीमित रहते हैं या सड़क पर भी बदलाव दिखाई देता है।