तालाब के सीने पर जेसीबी के वार, कन्हवारा में फिर सक्रिय हुए खनन माफिया.
JCBs Tear Into the Heart of the Pond: Mining Mafia Resurfaces in Kanhwara.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, कटनी। कटनी जिले की ग्राम पंचायत कन्हवारा के शंकर चौक स्थित तालाब में एक बार फिर अवैध खनन की गतिविधियां शुरू होने के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो दिनों से देर रात तालाब के भीतर जेसीबी मशीनों और ट्रकों की मदद से काले पत्थर का अवैध उत्खनन किया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार अधिकांश लोग जब गहरी नींद में होते हैं, तब रात करीब 12 बजे से लेकर तड़के 3 बजे तक तालाब क्षेत्र में खुदाई का काम चलता है। रात के सन्नाटे में जेसीबी और ट्रकों की आवाजाही ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है।
गांव सोता रहा, तालाब खोदा जाता रहा
स्थानीय लोगों का आरोप है कि तालाब क्षेत्र में लगातार भारी वाहनों की आवाजाही देखी जा रही है। इससे एक बार फिर अवैध खनन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ महीने पहले भी इसी प्रकार की शिकायतें सामने आई थीं। उस समय जब लोगों ने विरोध किया था, तब विवाद और मारपीट की घटना तक हुई थी। मामला पुलिस तक पहुंचा था और कानूनी कार्रवाई भी की गई थी।
पंचायत ने कहा— हमारा कोई काम नहीं चल रहा
शुरुआत में ग्रामीणों को आशंका थी कि कहीं यह खुदाई ग्राम पंचायत की किसी विकास योजना के तहत तो नहीं कराई जा रही। लेकिन पंचायत ने इस संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
ग्राम पंचायत कन्हवारा के सचिव नरेश पटेल ने बताया कि पिछले दो दिनों से तालाब में अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। जांच करने पर स्पष्ट हुआ कि पंचायत की ओर से वहां कोई निर्माण या विकास कार्य नहीं कराया जा रहा है।
पुलिस को भेजा गया पत्र, कार्रवाई की मांग
पंचायत सचिव के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन से रात के समय गश्त बढ़ाने और अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते रोकथाम नहीं हुई तो तालाब और आसपास के पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
पहले मारपीट, अब फिर वही कहानी?
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ महीने पहले भी इसी तालाब में अवैध खनन का मामला सामने आया था। विरोध करने वालों के साथ विवाद और मारपीट तक की नौबत आ गई थी।
ऐसे में दोबारा शुरू हुई कथित गतिविधियों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो क्षेत्र में फिर तनावपूर्ण स्थिति बन सकती है।
सबसे बड़ा सवाल
जब पंचायत खुद कह रही है कि कोई अधिकृत कार्य नहीं चल रहा, तो फिर आधी रात को तालाब में जेसीबी और ट्रक किसके आदेश पर उतर रहे हैं?
अब ग्रामीणों की निगाहें पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। सवाल यह भी है कि क्या इस बार अवैध खनन पर रोक लगेगी या फिर तालाब के सीने पर जेसीबी चलती रहेगी?