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“या तो हटाओ, या हम धरने पर बैठेंगे” — रीठी CHC में भ्रष्टाचार और लापरवाही का बड़ा खुलासा.

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Remove Them or We Will Sit on Protest” — Major Allegations of Corruption and Negligence Surface at Reethi CHC.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, कटनी। कटनी जिले की रीठी तहसील स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर विवादों में घिर गया है। अस्पताल में वर्षों से एक ही स्थान पर जमे स्वास्थ्य कर्मचारियों और अधिकारियों को लेकर अब जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है। जिला पंचायत सदस्य वार्ड क्रमांक 9 की माला मौसी ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार और कथित लापरवाही के खिलाफ कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।

मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है।

“वर्षों से जमे कर्मचारी, बिगड़ रही स्वास्थ्य व्यवस्था”

माला मौसी ने आरोप लगाया कि रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कई कर्मचारी और अधिकारी वर्षों से एक ही जगह पदस्थ हैं, जिसके कारण अस्पताल की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है और आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

उन्होंने कहा कि अस्पताल में लगातार लापरवाही और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रहती हैं, लेकिन जिम्मेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती।

कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, मांगे रखीं सामने

जिला पंचायत सदस्य ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में कई अहम मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि सीवीसी गाइडलाइन के अनुसार लंबे समय से जमे कर्मचारियों और अधिकारियों का तत्काल तबादला किया जाए।

साथ ही अस्पताल की कार्यप्रणाली, आरकेएस फंड और अन्य मदों की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की गई है।

अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ की कमी का मुद्दा भी उठाया

ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नियम अनुसार स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की जाए, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।

इसके अलावा कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई।

एक सप्ताह का अल्टीमेटम, नहीं तो भूख हड़ताल

माला मौसी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सात दिनों के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने भूख हड़ताल पर बैठेंगी।

उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह जनहित में होगा और तब तक जारी रहेगा, जब तक स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया जाता।

क्षेत्र में तेज हुई चर्चा, प्रशासन पर बढ़ा दबाव

मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब लोगों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

बड़ा सवाल

क्या रीठी अस्पताल में वर्षों से जमे कर्मचारियों के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी से उतर गई है? और आखिर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?

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