₹1500 बनाम ₹600: लाड़ली बहना vs दिव्यांग पेंशन पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को नोटिस.
₹1500 vs ₹600: High Court Takes Tough Stand on Ladli Behna vs Disability Pension, Issues Notice to Government.

Special Correspondent, Harishankar Parashar, Bhopal, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार भोपाल|लाड़ली बहना योजना और दिव्यांग पेंशन राशि में भारी अंतर को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सरकार से 4 सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
यह जनहित याचिका एडवोकेट मनीष विजयवर्गीय द्वारा दायर की गई है, जिसमें दिव्यांगजनों के साथ हो रहे कथित भेदभाव का मुद्दा उठाया गया है।
याचिका में क्या कहा गया?
याचिकाकर्ता ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 का हवाला देते हुए तर्क दिया कि:
👉 कानून के अनुसार दिव्यांगजनों को अधिक सहायता मिलनी चाहिए
👉 लेकिन वर्तमान में उन्हें मात्र ₹600 प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है
₹1500 vs ₹600: असमानता पर बड़ा सवाल
याचिका में बताया गया कि:
- लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह
- जबकि दिव्यांगजनों को सिर्फ ₹600
👉 यह अंतर नीतिगत असमानता और भेदभाव को दर्शाता है।
दिव्यांग बच्चों का मुद्दा भी उठा
याचिका में एक अहम मांग यह भी रखी गई है कि:
👉 0 से 6 वर्ष के दिव्यांग बच्चों को भी पेंशन योजना के दायरे में शामिल किया जाए
फिलहाल इस वर्ग को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
हाईकोर्ट का रुख सख्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से विस्तृत जवाब तलब किया है।
👉 अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद होगी, जहां सरकार को अपना पक्ष रखना होगा।
क्या बदलेगी पेंशन नीति?
यह मामला अब सिर्फ एक याचिका नहीं, बल्कि नीतिगत समानता और सामाजिक न्याय का बड़ा सवाल बन गया है।
👉 क्या सरकार पेंशन राशि में सुधार करेगी?
👉 क्या दिव्यांगों को उनका अधिकार मिलेगा?
इन सवालों के जवाब अब कोर्ट में तय होंगे।