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कागजों की गलती या साजिश? करोड़ों की जमीन केस में अफसर निलंबित.

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Officer suspended in Gwalior over negligence in multi-crore government land court case

करोड़ों की सरकारी जमीन केस में लापरवाही, नायब तहसीलदार निलंबित

Paperwork Error or Conspiracy? Officer Suspended in Multi-Crore Government Land Case.

Special Correspondent, Amit Singh, Gwalior, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, ग्वालियर। करोड़ों रुपये की शासकीय भूमि को लेकर चल रहे एक अहम न्यायालयीन प्रकरण में प्रशासनिक लापरवाही आखिरकार उजागर हो ही गई। कोर्ट में शासन का पक्ष कमजोर पड़ने और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने के मामले में नायब तहसीलदार लोकमनी शाक्य पर गाज गिरी है। संभागीय आयुक्त मनोज खत्री ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, यह मामला केवल कागजी चूक नहीं बल्कि शासकीय संपत्ति की सुरक्षा में गंभीर चूक से जुड़ा है। कलेक्टर ग्वालियर रुचिका चौहान द्वारा भेजे गए प्रतिवेदन में साफ तौर पर उल्लेख किया गया कि करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी जमीन से जुड़े केस में न तो समय पर कार्रवाई की गई और न ही न्यायालय में शासन का पक्ष मजबूती से रखा गया।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वरिष्ठ अधिकारियों के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद नायब तहसीलदार ने उन्हें नजरअंदाज किया, जिससे शासन की स्थिति कमजोर होती चली गई। इसे प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि गंभीर कर्तव्यहीनता मानते हुए कलेक्टर ने सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की।

प्रतिवेदन सामने आते ही संभागीय आयुक्त ने बिना देर किए निलंबन के आदेश जारी कर दिए। आदेश के तहत निलंबित अधिकारी को कलेक्टर कार्यालय ग्वालियर में अटैच किया गया है और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी गई है।

अब बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों की शासकीय भूमि से जुड़े इस प्रकरण में क्या सिर्फ एक अधिकारी जिम्मेदार था या इसके पीछे पूरी व्यवस्था की चूक छिपी है? क्या अन्य जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई होगी, या मामला यहीं ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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