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पोषण योजना का पोस्टमार्टम: कटनी अस्पताल में नियमों की उड़ी धज्जियां.

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Postmortem of Nutrition Scheme: Rules Flouted in Katni Hospital.

Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.

Rules of the Nutrition Scheme are being blatantly violated at Katni Hospital. From lack of transparency to suspected fake beneficiaries, the system reeks of negligence. If authorities don’t intervene urgently, the very goal of child and maternal nourishment stands compromised. Accountability must replace apathy.

MP संवाद, कटनी: कटनी जिला अस्पताल में भर्ती मरीज़ों को निर्धारित मापदंडों और अनुबंध के अनुसार भोजन नहीं मिल रहा है। इस मामले में अस्पताल भोजनालय के प्रभारी लिपिक ने सिविल सर्जन डॉ. यशवंत वर्मा को लिखित शिकायत देकर ठेकेदार की लापरवाही को उजागर किया है।

अनुबंध की धज्जियाँ:

शिकायत के अनुसार, “राज तिवारी – मेसर्स रघुकुल सामाजिक सेवा एवं मानव कल्याण संस्थान, शहडोल” को 9 जुलाई से मरीजों को भोजन, दूध, चाय, नाश्ता और अन्य पोषण सामग्री देने का ठेका सौंपा गया था। परंतु ठेकेदार द्वारा न तो अनुबंध की शर्तों का पालन हो रहा है और न ही समय-सारणी या पोषण मात्रा का।

गर्भवती माताओं को भी नहीं मिल रहा पोषण:

  • फलों का वितरण सिर्फ 3 दिनों तक किया गया।
  • 100 ग्राम के स्थान पर सिर्फ 40-50 ग्राम के गुड़ लड्डू।
  • मेवा न के बराबर।
  • दो बार दूध देने के बजाए एक बार 200 ml ही।
  • शाम को दूध वितरण बंद।

सामान्य मरीज़ भी परेशान:

  • सुबह की चाय 9 बजे के बाद, वो भी सिर्फ उनके लिए जिनके पास ग्लास है।
  • नाश्ता 10 बजे के बाद, बिना तय मात्रा और प्लेट के।
  • दोपहर व रात का खाना बिना थाली के, रोटियाँ, दाल और सब्ज़ी बेहद कम मात्रा और पतली।

प्रबंधन में अनियमितता:

  • ठेकेदार खुद मौजूद नहीं रहते।
  • कर्मचारियों को निर्देश देने पर भी कोई सुधार नहीं होता।
  • मरीजों को भोजन देने का रजिस्टर तक नहीं बनाया गया।
  • नर्सिंग स्टाफ से भोजन सत्यापन की प्रक्रिया भी नहीं हो रही।

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