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10वीं बोर्ड परीक्षा में नकल का खुलासा, चार आरोपियों पर केस दर्ज.

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अनूपपुर के पोडकी स्कूल में 10वीं बोर्ड परीक्षा में नकल कराए जाने का मामला उजागर हुआ। जांच में चार आरोपी दोषी पाए गए।

मध्य प्रदेश बोर्ड परीक्षा में नकल करते पकड़े गए शिक्षक, प्रशासन की कार्रवाई

अनूपपुर में परीक्षा के दौरान नकल कराते पकड़े गए शिक्षक, चार पर केस दर्ज

Cheating Scandal in 10th Board Exam: Case Registered Against Four Accused.

Special Correspondent, Bhopal, MP Samwad.

मध्य प्रदेश में इन दिनों स्कूलों में परीक्षाओं का दौर चल रहा है। अनूपपुर जिले के अमरकंटक थाना क्षेत्र के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल पोडकी में 10वीं बोर्ड की हिंदी परीक्षा के दौरान नकल कराने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में स्कूल परिसर के बाहर से नकल सामग्री भेजी जा रही थी।

झाड़ियों में बैठकर बनाई जा रही थीं नकल की पर्चियां

वायरल वीडियो में दो अतिथि शिक्षक, मोहनलाल चंद्रवंशी और प्रेमलाल दरकेश, झाड़ियों में बैठकर किताब से उत्तर लिखते नजर आ रहे हैं। जब ग्रामीणों को इन पर शक हुआ और वे नजदीक पहुंचे, तो पाया कि ये लोग प्रश्नपत्र के उत्तर तैयार कर रहे थे। इसके बाद ये पर्चियां स्कूल के भृत्य शोभित सिंह गोड़ के माध्यम से परीक्षा कक्ष में भेजी जा रही थीं, जहां सहायक केंद्राध्यक्ष सुशीला सिंह उन्हें परीक्षार्थियों तक पहुंचा रही थीं।

प्रशासन ने लिया संज्ञान, चार लोगों पर केस दर्ज

वीडियो वायरल होने के बाद अनूपपुर प्रशासन ने इस मामले पर त्वरित कार्रवाई की। कलेक्टर हर्षल पंचोली के निर्देश पर गठित जांच टीम ने इस घटना की पुष्टि की। जिला शिक्षा अधिकारी के आवेदन पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया:

  • सहायक केंद्राध्यक्ष सुशीला सिंह
  • अतिथि शिक्षक मोहनलाल चंद्रवंशी
  • अतिथि शिक्षक प्रेमलाल दरकेश
  • भृत्य शोभित सिंह गोड़

इन सभी के खिलाफ धारा 316(2), 318(4) बीएनएस और परीक्षा अधिनियम 1937 की धारा 3सी/4 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

केंद्राध्यक्ष को हटाया गया, नए अधिकारी की नियुक्ति

इस घटना के बाद प्रशासन ने पोडकी परीक्षा केंद्र के केंद्राध्यक्ष छंगूराम भगत को हटा दिया और उनकी जगह लामू सिंह टेकाम को नया केंद्राध्यक्ष नियुक्त किया।

क्या शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा?

इस घटना ने मध्य प्रदेश की परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन की तत्परता से नकल गिरोह का भंडाफोड़ तो हुआ, लेकिन नकल माफिया अब भी सक्रिय हैं।

क्या ऐसे मामलों पर और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट में बताएं!

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