बहोरीबंद ओपन कैप में व्यापक गड़बड़ी की जांच, कई संदिग्धों पर उठे सवाल.
Bahoriband Open Cap’s weighbridge operations under investigation for fraud, raising questions about irregularities and involved parties.
Authorities investigate weighbridge fraud at Bahoriband Open Cap, uncovering significant irregularities.
Fraud in Weighbridge: Investigation into Major Irregularities at Bahoriband Open Cap, Several Suspects Under Question.
Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
कटनी। बहोरीबंद ओपन कैप में धर्मकांटे में छेड़छाड़ और अन्य गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद कलेक्टर के निर्देश पर गुरुवार को खाद्य, नान और नापतौल विभाग की टीम ने जांच शुरू की। पूरी टीम दिनभर जांच में जुटी रही। इस दौरान खुलासा हुआ कि धर्मकांटे का संचालन एसडब्ल्यूसी (स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन) के कर्मचारी द्वारा किया जा रहा था, जबकि इसकी जानकारी अनुबंधित कंपनी को नहीं थी।
जांच के दौरान ट्रांसपोर्ट ठेकेदार ने भी बहोरीबंद ओपन कैप में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगाए। खास बात यह रही कि जो धर्मकांटा गाड़ियों के वजन में दो से ढाई क्विंटल तक कम दिखा रहा था, वह गुरुवार को सही वजन बताने लगा। इससे गड़बड़ी की शिकायत सही साबित हुई।
35 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम में गड़बड़ी
बहोरीबंद ओपन कैप, जिसकी क्षमता 35 हजार मीट्रिक टन है, में धान का भंडारण किया जा रहा है। जब जिले से खाद्य विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम और नापतौल विभाग की टीम ने जांच शुरू की, तो गड़बड़ियों का बड़ा खुलासा हुआ। गड़बड़ियों को छिपाने के प्रयास भी सामने आए, लेकिन जांच टीम की सख्ती के कारण कई अहम तथ्य उजागर हुए।
नापतौल विभाग की संदिग्ध भूमिका
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि नापतौल विभाग ने सरकारी धान के भंडारण से पहले धर्मकांटे की जांच नहीं की। सूत्रों के मुताबिक, इलेक्ट्रिक धर्मकांटे को तकनीकी रूप से हैक किया जा सकता है। धर्मकांटे की गड़बड़ी की सूचना नापतौल विभाग को पहले ही दी गई थी, लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। हालांकि, गुरुवार को निरीक्षक मजीद खान ने जांच की।
गड़बड़ी करने वाले संदिग्ध गायब
गुरुवार को जांच टीम के पहुंचने पर धर्मकांटे की गड़बड़ियां अचानक ठीक हो गईं। गाड़ियों का वजन सही दिखने लगा, लेकिन भारी बांट लेकर खड़े दो व्यक्ति, जो बुधवार को देखे गए थे, गायब मिले। एसडब्ल्यूसी के जिला प्रबंधक योगेंद्र सिंह सेंगर भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
जिला खाद्य अधिकारी सज्जन सिंह परिहार ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर धर्मकांटे की गड़बड़ी की जांच की जा रही है। बयान दर्ज कर लिए गए हैं, लेकिन कई बिंदुओं पर जांच जारी है। प्राथमिक रिपोर्ट जल्द ही कलेक्टर को सौंपी जाएगी।
देवेंद्र तिवारी (जिला प्रबंधक, नान आपूर्ति निगम) ने कहा:
“बहोरीबंद ओपन कैप में गड़बड़ी की जांच जारी है। धान भंडारण में व्यवधान न आए, इसका भी ध्यान रखा जा रहा है।”