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TET अनिवार्यता पर बवाल: विदिशा में शिक्षकों ने सरकार से मांगी राहत.

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Uproar over TET mandatory rule: Teachers in Vidisha seek relief from the government.

Special Correspondent, Richa Tiwari, Bhopal, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, विदिशा। माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा टीईटी (TET) परीक्षा को अनिवार्य किए जाने के आदेश के विरोध में मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिला विदिशा इकाई ने सरकार से इस आदेश पर तत्काल रोक लगाने और सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर करने की मांग की है।

कर्मचारी संघ का कहना है कि इस आदेश के बाद सिर्फ विदिशा ही नहीं बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के शिक्षक भ्रम और चिंता की स्थिति में हैं। संघ का दावा है कि न्यायालय में शिक्षकों के हितों से जुड़ी वर्तमान परिस्थितियों और उस समय लागू भर्ती अधिनियम का पर्याप्त उल्लेख नहीं हो पाया, जिसके कारण यह निर्णय सामने आया है।

संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर हुई भर्ती प्रक्रियाओं में शासन के नियमों का पालन करते हुए ही शिक्षक अभ्यर्थियों की नियुक्ति की गई थी। ऐसे में अब अचानक टीईटी परीक्षा को अनिवार्य करने से प्रदेश के हजारों शिक्षकों के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।

संघ के अनुसार वर्तमान आदेश के तहत 25 वर्ष से लेकर 57 वर्ष तक की आयु के शिक्षक भी TET परीक्षा के दायरे में आ रहे हैं, जो कि व्यावहारिक और मानवीय दृष्टि से उचित नहीं है।

कर्मचारी संघ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग की है कि मानवीय आधार पर इस आदेश पर रोक लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर की जाए, ताकि शिक्षकों के हितों की रक्षा हो सके। संघ का कहना है कि इस निर्णय से प्रदेश के लगभग तीन लाख शिक्षक परिवार प्रभावित हो सकते हैं।

ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष ईश्वर प्रसाद शर्मा ‘राजू’, जिला सचिव जगदीश श्रीवास्तव और जिला संगठन मंत्री नीलेश तिवारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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