गुप्त सूचना बनी मासूमों की ढाल! विदिशा में मानव तस्करी का बड़ा पर्दाफाश.
Secret Tip-Off Became Shield for Innocents! Major Human Trafficking Racket Busted in Vidisha.
Sitaram Kushwaha, Special Correspondent, Vidisha, MP Samwad.
A MAJOR HUMAN TRAFFICKING NETWORK WAS BUSTED AT VIDISHA RAILWAY STATION AS 20 MINOR CHILDREN WERE RESCUED BY RPF AND A SOCIAL ORGANIZATION. THEY WERE BEING TAKEN FROM BIHAR TO SURAT FOR CHILD LABOUR. SIX TRAFFICKERS WERE ARRESTED WHILE OTHERS FLED.
MP संवाद, विदिशा रेलवे स्टेशन से मानव तस्करी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और एक निजी सामाजिक संस्था की संयुक्त कार्रवाई में 20 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया। इन्हें गुजरात के सूरत में साड़ी फैक्ट्रियों में बाल मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा था। बताया गया है कि सभी बच्चे बिहार के कटिहार जिले के निवासी हैं।
जानकारी के अनुसार, ठेकेदार इन बच्चों को मुंबई के रास्ते सूरत ले जा रहा था। विदिशा की सामाजिक संस्था को इस संदर्भ में गुप्त सूचना मिली, जिसके बाद RPF को अलर्ट किया गया। पूरी रात स्टेशन पर निगरानी रखी गई और सुबह करीब 5 बजे, जैसे ही संदिग्ध ट्रेन स्टेशन पर पहुंची, चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका गया। इसके बाद ट्रेन से 34 लोगों को उतारा गया, जिनमें से 20 बच्चे नाबालिग पाए गए।
रेस्क्यू के दौरान कुछ मानव तस्कर मौके से फरार हो गए, जबकि 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आशंका है कि कुछ बच्चे ट्रेन के साथ आगे उज्जैन की ओर निकल गए हैं। उज्जैन RPF को भी अलर्ट कर दिया गया है, हालांकि वहां की कार्रवाई की कोई पुष्टि नहीं हो पाई है।
रेस्क्यू में शामिल संस्था की सदस्य दीपा शर्मा ने बताया कि फिलहाल बच्चों को बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें चाइल्ड होम में रखा जाएगा। वहीं, जीआरपी बच्चों को ले जाने वालों से पूछताछ कर रही है ताकि पूरे तस्करी नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।