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दमोह के बाद विदिशा में बिना लाइसेंस के चल रहा था ” श्री अस्पताल” स्वास्थ्य विभाग ने किया सील.

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Illegal hospital in Vidisha sealed by officials; operated without medical permissions or registration. A serious healthcare violation brought to light.

Unlicensed Shri Hospital sealed by health department in Vidisha due to illegal operations without registration or ICU facilities.

Health department seals Shri Hospital in Vidisha for operating without license or medical permissions; shocking case of medical negligence exposed.

After Damoh, “Shri Hospital” was operating without a license in Vidisha; sealed by the Health Department.

Sitaram Kushwaha, Special Correspondent, Vidisha, MP Samwad.

विदिशा में बिना पंजीयन और लाइसेंस के संचालित हो रहा ‘श्री अस्पताल’ स्वास्थ्य विभाग ने किया सील। बिना आईसीयू और डॉक्टरों के मरीजों को दी जा रही थी सेवाएं। यह खुलासा निजी अस्पतालों की मनमानी और स्वास्थ्य विभाग की ढिलाई को उजागर करता है।

A private hospital named Shri Hospital was operating illegally in Vidisha without a license or registration. Despite lacking medical facilities, it admitted patients. Health authorities sealed it after discovery. This alarming exposure highlights the unchecked operations of private healthcare setups, risking patient lives under the guise of service.

विदिशा जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलने वाली चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यह मामला स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और निजी अस्पताल संचालकों की मनमानी का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। दरअसल, बंद हो चुके शंकर अस्पताल सुभाष नगर, सागर रोड की बिल्डिंग में ‘श्री अस्पताल’ नाम से एक नया निजी अस्पताल बिना किसी रजिस्ट्रेशन और अनुमति के संचालित किया जा रहा था।

अस्पताल को न तो संचालन की मंजूरी मिली थी, न ही मरीजों को भर्ती करने की अनुमति। बावजूद इसके, यह अस्पताल पूरी क्षमता से काम कर रहा था और मरीजों का इलाज भी किया जा रहा था।

❗ 174 बंद नर्सिंग होम्स की सूची में था यह अस्पताल

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा बनाई गई प्रदेश के 174 ऐसे अस्पतालों की सूची में विदिशा का यह अस्पताल भी शामिल था, जिन्हें तय मानकों के अनुसार अनुमति नहीं दी गई थी। 31 मार्च तक इसे पूरी तरह बंद कर दिया जाना था। लेकिन सिर्फ कागज़ों पर बंदी दिखाकर, उसी भवन में ‘श्री अस्पताल’ नाम से नया अस्पताल शुरू कर दिया गया — बिना किसी वैध पंजीयन और स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के।

⚠️ मरीजों को बिना ICU और डॉक्टर के दी जा रही थी ड्रिप

जांच में यह सामने आया कि अस्पताल में 3 मरीज भर्ती थे, जिन्हें ड्रिप लगाई जा चुकी थी। दो मंजिला इमारत में कुल 10 बेड लगाए गए थे। बिना ICU और पंजीकृत डॉक्टरों के यह अस्पताल न केवल OPD बल्कि इनडोर मरीजों का भी इलाज कर रहा था। अस्पताल का संचालन ‘श्री अस्पताल’ नाम से हो रहा था, जबकि इसके पास कोई कानूनी मान्यता नहीं थी।

?‍⚕️ डॉक्टरों पर कार्रवाई

जांच के दौरान डॉ. बी.एल. शर्मा और डॉ. शैलेंद्र सिंह के दस्तावेज व पर्चे अस्पताल से मिले हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. योगेश तिवारी ने जानकारी दी कि अस्पताल को बिना अनुमति संचालित करते पाए जाने पर तत्काल सील कर दिया गया है।

? पहले भी दिया गया था नोटिस

स्वास्थ्य विभाग द्वारा दो महीने पहले इस बिल्डिंग में दोबारा अस्पताल शुरू करने के प्रयास पर नोटिस जारी कर रोक लगाई गई थी। परंतु, न तो संचालकों ने कोई जवाब दिया और न ही विभाग की ओर से समय रहते दोबारा निरीक्षण किया गया। इसी का फायदा उठाकर गैरकानूनी गतिविधि फिर से शुरू कर दी गई।

? जिला स्वास्थ्य अधिकारी का बयान

डॉ. योगेश तिवारी ने स्पष्ट कहा, “बिना अनुमति और पंजीयन के कोई भी अस्पताल नहीं चलाया जा सकता। यह मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

? विदिशा में कई अवैध अस्पताल संचालित

जिले में करीब 20 से 25 अस्पताल ऐसे हैं, जो अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। इनमें कुछ ऐसे अस्पताल भी शामिल हैं जहां रजिस्टर्ड डॉक्टरों का नाम और नंबर किराए पर लेकर अस्पताल चलाया जा रहा है, जबकि संबंधित डॉक्टर कहीं और कार्यरत हैं। अब देखना होगा कि डॉ. योगेश तिवारी इस गंभीर मामले पर कितनी सख्त कार्रवाई करते हैं।

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