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पिलर टूटे, प्लास्टर झड़ा! उज्जैन की शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई.

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उज्जैन के सरकारी स्कूल की जर्जर हालत दिखाता दृश्य, टूटी दीवारें और मंदिर में पढ़ते बच्चे

Pillars Cracked, Plaster Fell! The Reality of Ujjain’s Education System.

Special Correspondent, Ujjain, MP Samwad.

In two villages near Ujjain, government school buildings are in dangerous condition with broken pillars and falling plaster. Students are forced to study under crumbling roofs or inside temples. Despite alerts from teachers and villagers, education officials remain silent. This exposes the alarming negligence of the education system.

MP संवाद, उज्जैन के पास दो गांवों में स्थित शासकीय स्कूलों की हालत चिंताजनक हो गई है। इन स्कूलों की बिल्डिंगें इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि शिक्षक भी भय के साये में पढ़ाने को मजबूर हैं। एक स्कूल की कक्षाएं तो अब मंदिर में लगाई जा रही हैं, जबकि शिक्षा विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।

आगर रोड स्थित घट्टया तहसील के ग्राम उंटेसरा में प्राथमिक विद्यालय की छत से प्लास्टर झड़ने लगा है और पिलर भी कमजोर होकर टूटने लगे हैं। दीवारों में गंभीर दरारें पड़ गई हैं। बारिश के चलते हालात और भी खराब हो गए हैं। शिक्षकों और ग्रामीणों ने दो सप्ताह पहले ही जिला पंचायत और शिक्षा विभाग को हालात की सूचना दी थी, लेकिन अब तक किसी ने सुध नहीं ली।

सामरखेड़ी: मंदिर में चल रहा स्कूल

दूसरे गांव सामरखेड़ी के प्राथमिक शासकीय विद्यालय की हालत भी कुछ ऐसी ही है। यहां भी छत से पानी टपकता है, प्लास्टर गिरता है और पिलर टूटने की कगार पर हैं। शिक्षक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि अधिकारियों को सूचना दे दी गई है और जल्द मरम्मत की बात कही जा रही है। तब तक स्कूल को पास के मंदिर में चलाया जा रहा है।

इन दोनों मामलों में जब संपर्क किया गया तो डीईओ आनंद शर्मा ने जिम्मेदारी डीपीसी अशोक त्रिपाठी पर डाली, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

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