cropped-mp-samwad-1.png

उज्जैन : महाकाल परिसर में प्रसाद न खरीदने पर श्रद्धालुओं को पीटा

0

मुंबई से आए परिवार के साथ कालभैरव पार्किंग में कुछ लोगों ने मारपीट कर दी। प्रसाद नहीं लेने की बात पर आरोपियों ने इतना पीटा कि एक का सिर फट गया तो एक के पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। मारपीट करने वाले बदमाशों ने महिलाओं और बच्चों के साथ भी बदसलूकी की।

उज्जैन ! धार्मिक महत्व को देखते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन यहां आते हैं। जहां विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के दर्शन करने के साथ ही अन्य मंदिरों पर भी पहुंचते हैं। लेकिन, मंदिरों के बाहर पार्किंग, प्रसाद और तिलक लगाने वाले श्रद्धालुओं के साथ छोटी-छोटी बातों पर विवाद करने के साथ ही मारपीट तक कर देते हैं। जिससे उज्जैन नगरी का नाम शर्मशार हो रहा है। ऐसा ही कुछ नजारा रविवार सुबह काल भैरव क्षेत्र में देखने को मिला, जहां मुंबई से आए एक परिवार के साथ कालभैरव पार्किंग में कुछ लोगों ने इस कदर मारपीट कि एक का सिर फट गया तो एक श्रद्धालु के पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। मारपीट करने वाले बदमाशों ने महिलाओं और बच्चों को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने उनके कपड़े फाड़ दिए। हद तो तब हो गई जब महिलाओं ने चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मी से बचाने की मिन्नतें की। लेकिन, उसने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
जानकारी के अनुसार रिषीकेश भट्टाचार्य अपने भाई अमरदीप पिता रमेश (43) निवासी मुंबई, पत्नी अनुपमा, भाभी सेजल, बच्चे जीन, युवराज, नेत्र और इशिता बैनर्जी के साथ उज्जैन दर्शन के लिए आए थे। वे रविवार सुबह होटल से कालभैरव मंदिर दर्शन के लिए मैजिक वाहन लिया और मंदिर पहुंचे। ड्राइवर ने वाहन पार्किंग में लगाया और वे लोग लोग दर्शनों के दिए चले गए। वापस आकर पार्किंग में खड़े मैजिक वाहन में बैठे तो कुछ लोगों ने कहा कि पार्किंग में वाहन खड़ा किया है तो प्रसाद खरीदना पड़ेगा। उनसे दूसरी जगह से प्रसाद लेने की बात कही तो उन्होंने मैजिक ड्राइवर के साथ गाली गलौज शुरू कर दी।

100 डायल से भी नहीं मिली मदद
बताया गया कि उन्होंने प्रसाद लेने से इनकार कर दिया तो प्रसाद गाड़ी में फेंक दिया और रुपये की मांग की। साथ ही चालक को भी धमकाया। परिवार का कहना है कि करीब 50 से 70 लोगों ने उनके वाहन को घेर लिया और हमला कर दिया। वहीं महिलाओं और बच्चियों से भी छेड़छाड़ की। डायल 100 पर भी कॉल करने पर कोई मदद नहीं मिली। जिसके बाद मौके पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने उन्हें वहां से निकाला और अस्पताल पहुंचे, साथ ही भैरवगढ़ थाने में भी मामले की शिकायत की गई है।
इन लोगों ने की गई मारपीट
अमरदीप भट्टाचार्य, ऋषिकेश, इशिता, अमरदीप, युवराज, अनुपमा, जीत, नेत्रा, शेजल

पीड़ित परिवार ने विवाद कर रहे लड़कों को रोका तो करीब दो दर्जन से अधिक लड़के इकट्ठे हो गए और उन्होंने लोहे की रॉड, डंडे और पाइप से मारपीट शुरू कर दी। मारपीट में अमरदीप का सिर फट गया और उसके भाई के पैरों में चोट है। इस दौरान बदमाशों ने बच्चों और महिलाओं के कपड़े फाड़कर बुरी नीयत से छुआ और ड्रायवर को जान से मारने की धमकी दी।

पीड़ित परिवार ने बताया कि वे लोग भीड़ में मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन उन्हें कोई बचाने नहीं आया। मंदिर के पास चौकी पर एक एएसआई ड्यूटी कर रहा था। सेजल उसके पास गई, हाथ जोड़े और पैर पड़े तब वह चौकी से उठकर पार्किंग तक आया और ड्रायवर से गाड़ी बाहर निकालने की बात कही। इसके बाद ये लोग उसी मैजिक वाहन से भैरवगढ़ थाने पहुंचे, जिसके बाद एक होमगार्ड सैनिक घायलों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचा और इलाज शुरू कराया।

जानकारी के अनुसार रिषीकेश वकील हैं और उनके भाई अमरदीप मुंबई कोर्ट में सरकारी वकील हैं। रिषीकेश की पत्नी अनुपमा और भाभी सेजल भी वकील हैं। बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। रिषीकेश ने बताया कि बदमाशों ने बेटे के कपड़े फाड़ दिये इस कारण उसे बिना कपड़ों के घायल हालत में अस्पताल लेकर आना पड़ा है। कालभैरव पार्किंग में मारपीट की घटना की जानकारी देते हुए जब एसपी प्रदीप शर्मा से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

All Rights Reserved for MP Samwad LLP | CoverNews by AF themes.