पढ़ाई, फिटनेस और साइबर सुरक्षा: लालबर्रा में बच्चों को मिला पुलिस का खास मंत्र.
Lalbarra’s youth shine at summer sports camp with police mentorship on athletics, studies, and cyber safety. #CommunityDevelopment
Young athletes practice at Lalbarra’s summer sports camp, guided by police officials on fitness and life skills.
Studies, Fitness, and Cyber Safety: Lalbarra Children Receive Special Guidance from Police.
Sharad Dhaneshwar, Special Correspondent, Balaghat, MP Samwad.
MP संवाद लालबर्रा। औल्याकन्हार फिजिकल क्लब मैदान में इन दिनों ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ जारी है। प्रशिक्षण शिविर में ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को एथलेटिक्स और वॉलीबॉल जैसे खेलों की नियमित सुबह-शाम ट्रेनिंग दी जा रही है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य केवल खेल प्रतिभाओं को निखारना ही नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायता करना भी है।
इसी उद्देश्य को साकार करते हुए शुक्रवार की सुबह की पाली में विशेष अतिथि के रूप में लालबर्रा थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक श्री महेंद्र सिंह बघेल एवं वरिष्ठ आरक्षक श्री सुशील विश्वकर्मा शिविर में पहुंचे। मैदान में उपस्थित बच्चों, प्रशिक्षकों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उपनिरीक्षक बघेल ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।
पढ़ाई में लगन और योजना जरूरी
बघेल जी ने सबसे पहले पढ़ाई के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यदि कोई भी विद्यार्थी सरकारी सेवा में जाना चाहता है, तो उसे पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने बच्चों को बताया कि “समय सारणी बनाकर पढ़ाई करना, कठिन विषयों को पहले पढ़ना और रिवीजन करते रहना” सफलता की कुंजी है।** साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा पास करने के लिए केवल किताबें ही नहीं, व्यावहारिक ज्ञान और आत्मविश्वास भी जरूरी है।
फिजिकल की तैयारी कैसे करें?
सरकारी पदों पर चयन की प्रक्रिया में शारीरिक परीक्षा का महत्व बताते हुए बघेल जी ने कहा कि “शरीर को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए नियमित दौड़, साइक्लिंग, रस्सी कूद और फुर्ती से जुड़े अभ्यास करने चाहिए।” उन्होंने बच्चों से कहा कि वे प्रतिदिन एक निश्चित समय पर अभ्यास करें और संतुलित आहार लें ताकि शरीर फिट रहे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि “केवल नाममात्र की तैयारी से कुछ नहीं होता, मेहनत करनी ही पड़ेगी।”
असामाजिक तत्वों से सतर्क रहें
अपने अनुभव साझा करते हुए श्री बघेल ने बच्चों को असामाजिक तत्वों से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने समझाया कि यदि कोई व्यक्ति स्कूल या मैदान के आसपास संदेहास्पद गतिविधि करता दिखे, तो उसकी सूचना तुरंत परिजनों या पुलिस को दें। “कभी भी किसी अनजान व्यक्ति से दोस्ती या उसकी बातों में आकर कोई गलती न करें” – यह उन्होंने बच्चों को खासतौर पर समझाया।
साइबर अपराध के प्रति जागरूकता
बघेल जी ने आज के डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर अजनबियों से दूरी बनाए रखें और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। उन्होंने बताया कि “आजकल ठग बच्चे-बूढ़े सबको फंसा रहे हैं। बैंक अकाउंट, ओटीपी, पासवर्ड जैसी कोई भी जानकारी किसी को न दें।” उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी भी दी।
सत्यनिष्ठा और अनुशासन ही असली ताकत
अपने उद्बोधन के अंत में उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए सच्चाई, मेहनत और अनुशासन अनिवार्य है। “झूठ, चोरी और नशे की आदतें जीवन को बर्बाद कर देती हैं। खुद को मजबूत बनाओ, दूसरों की मदद करो और कभी भी गलत रास्ते पर मत चलो” – यह संदेश उन्होंने अत्यंत भावनात्मक ढंग से बच्चों को दिया।
इस अवसर पर औल्याकन्हार फिजिकल क्लब के चेयरमैन ओपी बिसेन, सेक्रेटरी शरद धानेश्वर, मुख्य प्रशिक्षक कु. राधिका नायक, भुनेश्वर कटरे सहित बड़ी संख्या में क्लब सदस्य और ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने बघेल जी के विचारों की सराहना की और कहा कि इस तरह के मार्गदर्शन से बच्चों को न केवल करियर में लाभ मिलेगा, बल्कि उन्हें एक अच्छा नागरिक बनने की प्रेरणा भी मिलेगी।