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सोलर लाइट से निकली भ्रष्टाचार की चिंगारी, वसूली का फरमान!

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Katni Panchayats under fire for illegal solar light purchases worth lakhs, action ordered by district CEO.

Corruption in solar light purchase in Katni Panchayats, mpsamwad.com news image.

कटनी में सोलर लाइट घोटाला उजागर, पंचायतों पर वसूली का शिकंजा।

A Spark of Corruption Ignites from Solar Lights, Recovery Ordered!

Mohan Nayak, Special Correspondent, Bhopal, MP Samwad.

कटनी में सोलर लाइट घोटाले का पर्दाफाश! CEO ने नियमविरुद्ध खरीद पर 25 लाख से अधिक की वसूली के आदेश दिए। 15 दिन में जमा नहीं किया गया तो धारा 92 के तहत कानूनी कार्रवाई तय। पंचायत अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल खड़े।

Major solar light procurement scam exposed in Katni! CEO orders recovery of over ₹25 lakh from multiple panchayats for irregular purchases. No proper tendering was followed. Legal action under Section 92 if payment isn’t made in 15 days. Officials’ accountability questioned amidst rising corruption concerns.

कटनी। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं विहित प्राधिकारी शिशिर गेमावत ने बहोरीबंद विकासखंड की दो ग्राम पंचायतों में सोलर लाइट की अनियमित खरीद के मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 89 के तहत ₹3.96 लाख की वसूली का आदेश जारी किया है।

? जिन ग्राम पंचायतों पर हुई कार्रवाई:

जनपद पंचायत बहोरीबंद के सीईओ द्वारा ग्राम पंचायत जुजावल और मोहनिया के तत्कालीन सरपंचों और सचिवों पर भंडार क्रय नियमों का उल्लंघन करते हुए नियमविरुद्ध सोलर लाइट की खरीद का आरोप लगाया गया था। वसूली का प्रस्ताव स्वीकृत कर आदेश पारित किया गया है।

? वसूली का विवरण:

  • ग्राम पंचायत जुजावल:
    पूर्व सरपंच महेश प्रसाद हल्दकार (मृत) और सचिव राजभान हल्दकार से ₹3.30 लाख (10 सोलर लाइट) की समान रूप से वसूली की जाएगी। सरपंच की मृत्यु होने के कारण यह राशि उनके उत्तराधिकारियों से वसूली जा सकती है।
  • ग्राम पंचायत मोहनिया:
    पूर्व सरपंच सविता बाई और सचिव कोमल झारिया से ₹66,000 (2 सोलर लाइट) की संयुक्त वसूली की जाएगी।

⚖️ जबाव का अवसर देने के बाद लिया गया निर्णय:

श्री गेमावत ने आरोपित अधिकारियों से जवाब तलब किया था, लेकिन संतोषजनक उत्तर न मिलने पर यह वसूली आदेश जारी किया गया।

15 दिनों की अंतिम मोहलत:

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि 15 दिनों में वसूली योग्य राशि ग्राम पंचायत के बैंक खाते में जमा नहीं होती है, तो धारा 92 के तहत कानूनी जब्ती की कार्यवाही की जाएगी।

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