जर्जर स्कूल बना आफत का स्कूल! शहडोल में बच्चे रोज ले रहे जान जोखिम में.
Dilapidated School Turns Into a Danger Zone! Children in Shahdol Risking Their Lives Every Day.
Special Correspondent, Shahdol, MP Samwad.
MP संवाद, शहडोल। जिले के पटासी गांव के तिकोना टोला में स्थित प्राथमिक विद्यालय की इमारत मौत को दावत दे रही है। 25 साल पुरानी एकल भवन संरचना अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। बारिश के साथ छत से प्लास्टर झड़ रहा है, दीवारों में दरारें हैं और छत की रॉड बाहर आ चुकी है। लगातार सीपेज के कारण भवन की मजबूती दिन-ब-दिन घटती जा रही है।
विद्यालय में वर्तमान में 20 छात्र अध्ययनरत हैं, जिन्हें एकमात्र शिक्षक राजकुमार मिश्रा पहली से पाँचवीं तक की सभी कक्षाएं पढ़ा रहे हैं। सभी कक्षाएं एक ही खतरनाक कमरे में संचालित की जा रही हैं, जबकि दूसरे टूटे-फूटे कमरे में मिड-डे मील पकाया जा रहा है।
? “छत कभी भी गिर सकती है!”
शिक्षक राजकुमार मिश्रा बताते हैं—
“छत से प्लास्टर गिर चुका है, बारिश में हालत और बिगड़ रही है। बच्चों को जान जोखिम में डालकर पढ़ाना हमारी मजबूरी है।”
? शौचालय भी पूरी तरह बंद!
विद्यालय का शौचालय वर्षों से बंद पड़ा है और झाड़ियों से घिर चुका है। छात्रों को खुले में शौच की मजबूरी झेलनी पड़ रही है।
? प्रशासन की बात, जमीनी सच्चाई अलग
जिला शिक्षा केंद्र, शहडोल के डीपीसी अमरनाथ सिंह ने कहा:
“जिन स्कूल भवनों की हालत खराब है, उनके लिए वैकल्पिक भवन या किराए के कमरे लेने के निर्देश दिए गए हैं।”
लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि बच्चे आज भी उसी जर्जर भवन में जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों और शिक्षक ने प्रशासन से तत्काल मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है ताकि किसी अनहोनी से पहले हालात सुधारे जा सकें।