रेडियोलॉजिस्ट की भारी कमी से जूझ रहा शहडोल, मरीजों का दर्द बढ़ा!
Shahdol’s radiology crisis worsens as limited healthcare facilities leave patients waiting for essential sonography services – mpsamwad.com
Shahdol struggles with a healthcare crisis as one radiologist handles 50 patients daily, causing distress among pregnant women – mpsamwad.com
Shahdol struggles with a severe shortage of radiologists, increasing patients’ suffering!
Special Correspondent, Shahdol, MP Samwad.
Shahdol faces a severe radiologist shortage, leaving one specialist to handle 50 patients daily. Pregnant women suffer the most due to delayed sonography services. The healthcare system is overwhelmed, and patients demand urgent government intervention. The crisis raises serious concerns about medical infrastructure in Madhya Pradesh’s rural areas.
MP शहडोल। कुशाभाऊ ठाकरे जिला अस्पताल में सोनोग्राफी जांच की सुविधा पर संकट गहराता जा रहा है। अस्पताल में केवल एक रेडियोलॉजिस्ट की उपलब्धता के चलते प्रतिदिन 50 से अधिक मरीजों की जांच कर पाना असंभव हो रहा है, जिससे गर्भवती महिलाओं, आपातकालीन रोगियों और आदिवासी अंचलों के निर्धन मरीज सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
प्रतीक्षा की मार:
सूत्रों के अनुसार, अस्पताल में सोनोग्राफी के लिए मरीजों को न्यूनतम 7 दिन से लेकर एक महीने तक इंतजार करना पड़ता है। इस देरी के कारण कई गंभीर रोगियों का इलाज बाधित हो रहा है। एक मरीज ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “मैं दो हफ्ते से सोनोग्राफी की तारीख का इंतजार कर रहा हूं। डॉक्टर ने चेतावनी दी है कि देरी से स्थिति बिगड़ सकती है, लेकिन निजी केंद्र पर 3000 रुपये खर्च करना मेरे लिए मुश्किल है।”
आपातकालीन मामलों में संकट:
इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। एक आदिवासी परिवार के सदस्य नारायण सिंह ने कहा, “मेरी पत्नी को गंभीर पेट दर्द था, लेकिन सोनोग्राफी के लिए 10 दिन का वेटिंग पीरियड मिला। हमें बाहर 5000 रुपये खर्च करने पड़े।”
प्रशासन का जवाब:
सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ ने स्वीकार किया कि स्टाफ की कमी एक बड़ी चुनौती है, लेकिन शीघ्र ही मातृत्व विभाग में दूसरे रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की जाएगी।