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कई खरीदी केंद्रों में तुलाई का हो रहा इंतज़ार, तुलाई की रफ़्तार धीमी, खुले आस्मां में पड़ा अनाज, मौसम ले रहा करवट.  

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Katni; District Administration;

Several procurement centers are awaiting weighing; the pace of weighing is slow. Grain lies under the open sky as the weather takes a turn.

Several procurement centers are awaiting weighing; the pace of weighing is slow. Grain lies under the open sky as the weather takes a turn.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad.

कटनी । खरीदी केंद्र का कार्य जोरों से चल रहा है कई जगह लापरवाही भी देखने को मिली है हालांकि अधिकारी निरीक्षण कर रहे हैं मौसम भी खराब चल रहा है जानकारी के मुताबिक जिले में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू हुए अभी 18 दिन ही बीते हैं और कई गोदाम और वेयर हाऊस अभी से फुल हो गए हैं। कैलवाराकला गोदाम स्तरीय खरीदी केन्द्र में स्थिति यह है कि धान को खुले आसमान के नीचे रखना पड़ रहा है। खरीदी केन्द्र प्रभारी द्वारा इस समस्या से प्रशासन को अवगत कराए जाने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा। ऐसी स्थिति में अपनी उपज लेकर केन्द्रों में आ रहे किसानों को धान की तुलाई के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। इसके अलावा परिवहन की धीमी रफ्तार की वजह से केन्द्रों में धान का अंबार लग गया है। विदित हो कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार विगत 2 दिसम्बर से 89 केन्द्रों में समर्थन मूल्य पर किसानों से धान कर उपार्जन किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए धान कॉमन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपये प्रति क्विंटल तथा धान ग्रेड-ए का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2320 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों की एफएक्यू गुणवत्ता की उपज अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य उपार्जित की जाएगी। धान उपार्जन को लेकर राज्य सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि केन्द्रों में किसानों को कोई परेशानी न हो और बिचौलियों और व्यापारियों की खरीदी नहीं की जाए। इसके बाद भी जिले में शासन के निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी शुरू होते ही केन्द्रों में किसान का जमावड़ा लग गया। ट्रेक्टर ट्राली, मेटाडोर, पिकअप, लोडर सहित अन्य वाहनों में किसान अपनी उपज लेकर केन्द्रों में पहुंचे  अन्य वाहनों में 18 दिन बीतने के बाद अब गोदामस्तरीय केन्द्रों में धान का अंबार लग गया है। जानकारी के मुताबिक शहर से लगे कई केन्द्रों में हालत यह है कि गोदाम फुल हो चुके हैं और अब यहां धान का स्टाक रखने तक के लिए जगह नहीं बची है। ऐसी स्थिति में अब आने वाले दिनों में किसानों से उपार्जित की जाने धान का स्टाक करने की समस्या खड़ी हो गई है।

इनका कहना है

अभी कई गोदामों में धान रखने के लिए पर्याप्त जगह है। जहां तक कैलवाराकला केन्द्र की बात है तो वो आज कम्प्लीट हो जाएगा। यहां एक गोदाम में एफसीआई का चावल रखा हुआ है, जबकि दूसरा आज भर जाएगा। इस समस्या को उपार्जन समिति की बैठक में रखा जाएगा। जिसमे धान के परिवहन या मिलर्स को धान के उठाव के लिए निर्देश दिए जा सकते है। -वाय एस सेंगर, प्रबंधक वेयर हाऊस कार्पोरेशन

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