साइंटिफिक एविडेंस और ई-एफआईआर पर जोर, सिवनी पुलिस की नई पहल.
A training session conducted by Seoni Police to enhance investigation skills, focusing on scientific evidence collection, e-FIRs, and modern law enforcement methods under SP Sunil Mehta’s leadership.
Seoni Police Officers Receive Training on New Criminal Laws, e-FIRs, and Forensic Investigation
Emphasis on Scientific Evidence and E-FIR: A New Initiative by Seoni Police.
Sharad Dhaneshwar, Special Correspondent, Balaghat, MP Samwad.
सिवनी में एसपी सुनील मेहता के नेतृत्व में तीन दिवसीय कार्यशाला में 40 अधिकारियों को नए आपराधिक कानून, ई-एफआईआर, शून्य एफआईआर, फोरेंसिक साक्ष्य, साइबर जांच और गिरफ्तारी प्रक्रियाओं पर प्रशिक्षण दिया गया। वैज्ञानिक साक्ष्य और तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा मिला।
In Seoni, a 3-day police workshop under SP Sunil Mehta’s leadership trained 40 officers on New Criminal Laws, e-FIRs, zero FIRs, forensic evidence, cyber investigation, and arrest protocols. The workshop encouraged tech-friendly practices and scientific evidence collection to modernize policing.
MP बालाघाट, पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के पालन में पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता के कुशल नेतृत्व और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री गुरुदत्त शर्मा के मार्गदर्शन में तीन दिवसीय द्वितीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में जिले के समस्त थाना एवं चौकियों से चयनित 40 विवेचकों को शामिल किया गया है।
कार्यशाला के पहले दिन प्रशिक्षक निरीक्षक श्री सी.एस. उइके और श्री ओमेश्वर ठाकरे ने प्रतिभागियों को नवविधान की रूपरेखा, एफआईआर, ई-एफआईआर, जीरो एफआईआर, घटनास्थल की सुरक्षा, फॉरेंसिक टीम की भूमिका, तकनीकी साक्ष्य संग्रहण, साइबर फॉरेंसिक, वीडियोग्राफी, अरेस्ट एंड कस्टडी और साइंटिफिक एविडेंस कलेक्शन एंड मैनेजमेंट जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री सुनील मेहता ने कहा कि “टेक्नो-फ्रेंडली जीवनशैली न केवल हमें दक्ष बनाती है, बल्कि समाज में उपयोगिता बनाए रखकर अकेलेपन से भी बचाती है।” वहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री गुरुदत्त शर्मा एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती पूजा पांडे ने कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, नवविधान के प्रावधानों को समझने और कार्यक्षेत्र में आने वाली चुनौतियों के समाधान हेतु प्रशिक्षण को आवश्यक बताया।
कार्यक्रम के अंत में हर्टफुलनेस संस्था द्वारा प्रतिभागियों को ध्यान अभ्यास भी कराया गया।