छात्रावास में भ्रष्टाचार की नींव! करोड़ों का निर्माण घटिया मटेरियल से.
Corruption at the Foundation of Hostel! Crores Wasted on Substandard Construction Materials.
Special Correspondent, Seoni, MP Samwad.
Massive corruption exposed in the construction of a tribal boys’ hostel in Seoni’s Beherai village. Substandard materials, rusted doors, and lack of official supervision have raised serious concerns. Locals demand a high-level investigation into the ₹multi-crore project plagued by poor quality and violations.
MP संवाद, बरघाट (सिवनी)। सिवनी जिले के बरघाट विकासखंड के बेहरई गांव में करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे अनुसूचित जनजाति जूनियर बालक छात्रावास भवन के निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप सामने आया है।
निर्माण में घटिया सामग्री, तकनीकी निगरानी नदारद
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। भवन की नींव कमजोर है और तेज बारिश की स्थिति में इसके धंसने का खतरा है। सबसे गंभीर बात यह है कि निर्माण स्थल पर न तो कोई सूचना बोर्ड लगा है और न ही विभागीय अधिकारी या तकनीकी अमला निरीक्षण के लिए मौजूद रहता है।
सिर्फ ठेकेदार के सुपरवाइजर के भरोसे निर्माण
करीब एक साल से जारी निर्माण कार्य पूरी तरह ठेकेदार के सुपरवाइजर के भरोसे चल रहा है। इंजीनियरों की गैरमौजूदगी में टाइल्स बिछाने से पहले घटिया रेत और मिक्सचर सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। दरवाजों और चौखटों में जंग लगे लोहे का उपयोग हो रहा है।

नियमों की उड़ रही धज्जियां
सरकारी नियमानुसार, 50 लाख से अधिक की लागत वाले निर्माण कार्यों के लिए साइट पर टेस्टिंग एजेंसी का होना अनिवार्य है, ताकि उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। लेकिन यहां न तो टेस्टिंग एजेंसी है और न ही कोई निरीक्षण व्यवस्था।
क्षेत्रवासी मांग रहे हैं निर्माण पर रोक और जांच
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से शिकायत करते हुए छात्रावास भवन के निर्माण कार्य पर रोक लगाने और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदार को बचाया जा रहा है और पक्षपातपूर्ण जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
