शिक्षा विभाग बना भ्रष्टाचार का अड्डा: कमिश्नर ने दो अफसर उड़ाए!
Education Department Turns into a Den of Corruption: Commissioner Suspends Two Officers!
Special Correspondent, Rewa, MP Samwad.
A major scam in Rewa’s education department has been exposed where five individuals secured jobs through fake documents. In swift action, Commissioner B.S. Jamod suspended the District Education Officer and Planning Officer for their alleged involvement in the fraudulent compassionate appointments. FIRs have been registered.
MP संवाद, रीवा।स्कूल शिक्षा विभाग, रीवा संभाग में बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। अनुकंपा नियुक्ति के नाम पर ऐसे पांच लोगों को सरकारी नौकरी मिल गई, जिनके माता-पिता या तो जीवित हैं या फिर शिक्षा विभाग में कभी कार्यरत ही नहीं रहे! यह खुलासा एक वर्ष की जांच में हुआ, जिसके बाद FIR और निलंबन की कार्रवाई शुरू हुई है।
? फर्जी दस्तावेज, असली नौकरी
शातिर आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज बनाकर अनुकंपा नियुक्ति हासिल की। जांच में पता चला कि ये नियुक्तियां पूरी तरह फर्जी हैं। मामला सामने आने के बाद सिविल लाइन थाना रीवा में छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।
? कमिश्नर के तेवर सख्त
संभागीय कमिश्नर बीएस जामोद ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ा एक्शन लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी सुदामालाल गुप्ता और योजना अधिकारी पद पर कार्यरत प्राचार्य अखिलेश मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही, फर्जी नियुक्तियों में लिप्त एक बाबू को भी सस्पेंड कर दिया गया।
? 37 में से 5 नियुक्तियां फर्जी
कुल 37 अनुकंपा नियुक्ति मामलों की जांच हुई, जिसमें 5 नियुक्तियां कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर की गई थीं। कलेक्टर द्वारा दी गई सिफारिश के आधार पर मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की गई।
? नोटिस का जवाब असंतोषजनक निकला
दोनों अधिकारियों को पहले नोटिस दिया गया था, लेकिन जवाब असंतोषजनक मिलने पर निलंबन तय कर दिया गया। निलंबन अवधि में दोनों का मुख्यालय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण कार्यालय, रीवा रहेगा। नियमानुसार, उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।