4 साल तक चलता रहा घोटाला, जिम्मेदार कौन?
The scam went on for 4 years — who is responsible?

Special Correspondent, Amit Singh, Rewa, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, रीवा। रीवा और मऊगंज में सड़क निर्माण के नाम पर विकास नहीं, बल्कि “घोटाले की सड़क” बिछाई गई। 18.59 करोड़ रुपये के इस डामर घोटाले ने सरकारी सिस्टम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरोप है कि सड़कों पर घटिया डामर डाला गया, लेकिन कागजों में इंडियन ऑयल का उच्च गुणवत्ता वाला डामर दिखाकर भुगतान निकाल लिया गया। यानी जमीन पर घटिया काम और फाइलों में “परफेक्ट प्रोजेक्ट”!
👉 क्या बिना अधिकारियों की मिलीभगत के इतना बड़ा घोटाला संभव है?
👉 4 साल तक फर्जी बिल चलते रहे, किसी को भनक क्यों नहीं लगी?
EOW की कार्रवाई में 44 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है, जिसमें बड़े अधिकारी से लेकर संविदाकार तक शामिल हैं।
यह घोटाला सिर्फ पैसों का नहीं, बल्कि जनता के भरोसे का भी है। जिन सड़कों पर लोग चलते हैं, वे अब सवालों के बोझ तले दब गई हैं।
अब सवाल यह है—
👉 क्या जांच सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाएगी?
👉 या दोषियों पर वास्तव में सख्त कार्रवाई होगी?
अगर समय रहते ऐसे घोटालों पर लगाम नहीं लगी, तो विकास के नाम पर “भ्रष्टाचार की सड़कें” ही बनती रहेंगी।